अमरनाथ यात्रा में उड़नखटोला सेवा उपलब्ध नहीं
नई दिल्ली । बाबा बर्फानी के श्रद्धालुओं का लंबा इंतज़ार अब समाप्त हो चुका है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा 2026 के तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और घाटी बम बम भोले तथा हर हर महादेव के जयकारों से गूँज उठी। यह पवित्र धार्मिक यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक, कुल 57 दिनों तक चलेगी। केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार और प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हैं, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न हो। उपराज्यपाल ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएँ दीं और यात्रा प्रबंधन में शामिल सभी विभागों सुरक्षा बलों, प्रशासन, स्वास्थ्य सेवाओं, गैर-सरकारी संगठनों और सेवा कर्मियों के प्रयासों की सराहना की।
यात्रियों के लिए अनेक आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। प्रमुख पड़ावों पर किराए के तंबू, विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा निःशुल्क भोजन, पीने का पानी और हल्का नाश्ता प्रदान किया जाता है। जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग, सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तथा कई गैर-सरकारी संगठन मिलकर आधार अस्पताल, चिकित्सा सहायता केंद्र, आपातकालीन सेवाएँ, ऑक्सीजन केंद्र और रोगी वाहन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध करते हैं। यात्रियों का सामान सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न शिविरों और पवित्र गुफा के पास सामानघर बनाए गए हैं। बालटाल में वाहन खड़े करने की सुविधा भी है और बीएसएनएल, जियो तथा एयरटेल की दूरभाष सेवाएँ भी घाटी में उपलब्ध हैं। चलने में असमर्थ यात्रियों के लिए निर्धारित स्थानों से टट्टू और पालकी किराए पर मिलते हैं। हालाँकि, महत्वपूर्ण बात यह है कि 2026 की अमरनाथ यात्रा में उड़नखटोला सेवा उपलब्ध नहीं होगी, क्योंकि सरकार ने दोनों मार्गों को 1 जुलाई 2026 से यात्रा समाप्त होने तक उड़ान-निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया है।
अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण अंतरजाल (ऑनलाइन) और मौके पर (ऑफलाइन) दोनों माध्यमों से हो सकती है। श्रद्धालु अमरनाथ देवस्थानम न्यास की आधिकारिक जालस्थल पर जाकर अंतरजाल पंजीकरण कर सकते हैं। एक दूरभाष नंबर का उपयोग करके अधिकतम चार यात्रियों का पंजीकरण संभव है, जिसके लिए किसी अधिकृत चिकित्सक या अस्पताल से जारी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र अनिवार्य है। अंतरजाल पर अग्रिम पंजीकरण 3 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा। मौके पर पंजीकरण के लिए जम्मू में निर्धारित पंजीकरण केंद्रों से प्रतीक (टोकन) और रेडियो आवृत्ति पहचान (आरएफआईडी) पहचान पत्र प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक और जम्मू-कश्मीर बैंक की 500 से अधिक अधिकृत शाखाओं में भी पंजीकरण सुविधा उपलब्ध है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यात्रा के लिए यातायात परामर्श जारी किया है, जिसमें तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और आम यात्रियों से निर्धारित यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया गया है। तीर्थयात्रियों के काफिले की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए, नवयुग सुरंग पर कुछ समय के लिए सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक रहेगी। कश्मीर से जम्मू जाने वाले वाहन सुबह 11:30 बजे से पहले नवयुग सुरंग पार नहीं कर पाएंगे, जबकि जम्मू से कश्मीर जाने वाले वाहन दोपहर 3 बजे के बाद सुरंग में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।

