मप्र का मतदाता सूची पुनरीक्षण देश के लिए बना आदर्श मॉडल : मुख्य निर्वाचन आयुक्त

इंदौर

:: इंदौर में बीएलओ से संवाद, बोले- लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव हैं बूथ लेवल अधिकारी ::
इंदौर । भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य जिस पारदर्शिता, दक्षता और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया है, वह देश के लिए आदर्श उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव हैं और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
शनिवार को इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में बीएलओ से संवाद करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत की चुनाव प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे विश्वसनीय लोकतांत्रिक व्यवस्था है। मतदाता सूची निर्माण से लेकर मतदान और मतगणना तक हर चरण में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की भागीदारी के साथ पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। उन्होंने बताया कि देश में करीब 95 करोड़ मतदाता हैं तथा चुनाव प्रक्रिया के संचालन में लगभग 1.80 करोड़ चुनावकर्मी जुटते हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस वर्ष इंटरनेशनल आइडिया की अध्यक्षता कर रहा है, जो भारतीय निर्वाचन प्रणाली की वैश्विक विश्वसनीयता का प्रमाण है।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि एसआईआर अभियान के तहत मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने के साथ पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि वृद्धजन, दिव्यांग, प्रवासी श्रमिक तथा दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक निर्वाचन सेवाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने बीएलओ की भूमिका को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत बूथ लेवल अधिकारियों की विशेष सराहना की। उन्होंने निर्वाचन आयोग के ईसीआई नेट एप को भी पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण डिजिटल नवाचार बताया।
कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा सहित निर्वाचन एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। संजीव कुमार झा ने कहा कि मध्यप्रदेश में एसआईआर अभियान निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सफलतापूर्वक पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित बीएलओ, तकनीकी सुधार और सभी संबंधित पक्षों के समन्वय से अभियान को सफलता मिली। इस दौरान एसआईआर अभियान पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया तथा विभिन्न जिलों से आए बीएलओ ने अपने अनुभव साझा किए। झा ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने बीएलओ का मानदेय बढ़ाकर छह हजार रुपये करने का निर्णय लिया है। अंत में कलेक्टर शिवम वर्मा ने आभार व्यक्त किया।