ओबामा, बाइडेन, बुश और क्लिंटन ने नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान
वॉशिंगटन । अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के चार पूर्व राष्ट्रपतियों, जॉर्ज डब्ल्यू. बुश, बराक ओबामा, बिल क्लिंटन और जो बाइडेन ने संयुक्त संदेश के माध्यम से नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। सभी नेताओं ने कहा कि अमेरिकी लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की निरंतर भागीदारी, संस्थाओं में विश्वास और संवैधानिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है।
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि अमेरिका लगातार विकसित होने वाला राष्ट्र है और हर पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह पिछली पीढ़ियों के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाए। उन्होंने कहा कि जो सही है उसकी रक्षा करनी चाहिए, जो गलत है उसे सुधारना चाहिए और देश को पहले से बेहतर बनाने का प्रयास जारी रखना चाहिए। ओबामा के अनुसार, 250 वर्ष बाद यह जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
लोकतंत्र कभी स्वत: सुरक्षित नहीं रहता: बाइडेन
पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी लोकतंत्र की रक्षा को नागरिकों का सतत दायित्व बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र कभी स्वतः सुरक्षित नहीं रहता, बल्कि इसके लिए लगातार संघर्ष, संरक्षण और प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है। बाइडेन ने कहा कि अमेरिका अभी तक स्वतंत्रता की घोषणा में निहित सभी आदर्शों को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाया है, लेकिन देश ने उन मूल्यों का साथ कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने नागरिकों से भविष्य में भी इन्हें बनाए रखने की अपील की।
दर्शक नहीं सक्रिय नागरिक बनें: बुश
पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने नागरिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले 250 वर्षों में अमेरिकियों को केवल दर्शक नहीं, बल्कि सक्रिय नागरिक बनना होगा। बुश ने मतदान के अधिकार को लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण स्वतंत्रताओं में से एक बताते हुए कहा कि प्रार्थना की स्वतंत्रता, प्रेस की आजादी और सामुदायिक सेवा जैसे मूल्य अमेरिका की पहचान और एकता की नींव हैं।
बिल क्लिंटन ने मौजूदा हालात पर चिंता जताई
वहीं, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने अपने संदेश में देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ ऐसे समय में मना रहा है, जब देश गहरे राजनीतिक विभाजन, लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने चुनौतियों और भविष्य को लेकर अनिश्चितताओं का सामना कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना उन्होंने मौजूदा प्रशासन पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और सरकारी संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। क्लिंटन ने कहा कि अमेरिका कभी पूर्ण नहीं रहा, लेकिन उसके संस्थापकों ने उसे लगातार बेहतर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। उन्होंने मतदान, सामुदायिक सेवा और सामाजिक योगदान देने वाले नागरिकों की भूमिका को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया।
चारों पूर्व राष्ट्रपतियों ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र केवल चुनावों से नहीं, बल्कि नागरिकों की निरंतर भागीदारी, जिम्मेदारी और संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पण से मजबूत होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाली पीढ़ियां भी इन्हीं आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए अमेरिका के लोकतांत्रिक भविष्य को सशक्त बनाएंगी।

