हाल ही में आई वेब सीरीज द पिरामिड स्कीम सीजन वन फ़र्ज़ी तरीक़ों से धन ऐंठने हेतु बनाई गई कंपनी और उनकी पोंजी स्कीम्स की गहरे तक पड़ताल करती है ।
हरिद्वार में मोबाइल सेल्स और सर्विस की छोटी सी दुकान चलाने वाला गोल्डी चौहान आकर्षण और मजबूरी के चलते एक नेटवर्किंग कंपनी को ज्वाइन करता है और अंत में एक गहरे स्केम का शिकार हो जाता है ।
लोकल बाज़ार के कम क्वालिटी और गुणवत्ता के प्रोडक्ट्स को जंबो लाइफ नामक कंपनी अपने लेवल लगाकर ऊंचे दामों में खुद के नेटवर्क से जुड़े लोगो को देती है और प्राप्त रुपया ऊपर की चेन यानि अप लाइन के ऐश का साधन बनता है। यही नहीं बल्कि कंपनी का टॉप मैनजमेंट हजारों डिस्ट्रीब्यूटर्स को जोड़कर उनके नाम से करोड़ों रुपयों का लोन भी निकाल लेता है।
अप लाइन , डाउन लाइन , पे आउट , प्वाइंट वैल्यू सिस्टम ,मीटिंग , सेमिनार , ज्वाइनिंग, किट ओपनिंग आदि शब्दावली से आपका परिचय इस वेब सीरीज में होता है जो नेटवर्क बिजनेस की कॉमन शब्दावली हैं ।
विनिंग वर्ल्ड के नाम से पांच वर्ष पूर्व बिजनेस कर चुकी कंपनी जंबो लाइफ के नाम से फिर से मार्केट में आती है और लूट का क्रम जारी रहता है जो दर्शकों को यह बताता है कि पोंजी स्कीम्स किस प्रकार से अलग अलग चोलो में सामने आकर भ्रमित करती है ।
जंबो लाइफ का भेद खुलने पर कंपनी का एक टॉप रैंकिंग मैनेजर रणवीर चौधरी का पात्र गोल्डी चौहान से कहता है कि जिन लोगों के पास औसत हुनर या टैलेंट है उन्हें बड़े सपने नहीं देखने चाहिए ।
पिरामिड स्कीम्स औसत इंसान को महंगी लाईफ स्टाइल जीने के सपने दिखाकर अपने मोहपाश में फंसा लेती है और फिर एक फंसा हुआ आदमी निकलने के लिए दूसरे को फंसाता है और इस प्रकार से चेन बनती जाती है।
1997 के ज़माने में मूवर्स एंड शेखर से प्रसिद्धि पाने वाले शेखर सुमन ने तरुण बजाज का पात्र इस वेब सीरीज में निभाया है वही रणवीर शौरी प्रोफेसर श्रीवास्तव के रूप में संजीदा अभिनय से अपनी छाप छोड़ते हैं। 1988 के लोकप्रिय टी व्ही सीरियल वागले की दुनिया के अंजन श्रीवास्तव ने गोल्डी चौहान के दादाजी बाबू का पात्र प्रभावी ढंग से निभाया है।
बाबू के परिवार में उनकी दो बेटी एक बेटा और उनके नाती पोते है जो युवा है । कोई पढ़ाई तो कोई बेहतर रोजगार की कश्मकश में है । युवा बच्चों के भविष्य और बच्चों के स्टेटस को लेकर परम्परागत भारतीय परिवार की आपसी खींचतान या जद्दोजहद का फिल्मांकन बारीकी से किया गया है। ऐसा लगता है कि शायद यह हमारे अपने ही घर परिवार की बात हो रही है। सीरीज जब ग्रामीण क्षेत्र में जाती है तो वहां भी पात्रों का चयन संवाद और फिल्मांकन सब कुछ वास्तविकता के करीब मालूम होता है।
पिरामिड स्कीम्स की दुनिया से लूटे और पीटे हुए गोल्डी चौहान अंततः शादी कर लेते हैं लेकिन यही वेब सीरीज ट्विस्ट लेती है। गोल्डी से टक्कर और मात खाए हुए तरुण बजाज गोल्डी की शादी में आकर उनसे दोस्ती का हाथ बढ़ाते है और उन्हें एक गिफ्ट देकर जाते हैं। अपने कमरे में गिफ्ट खोलते ही गोल्डी चौहान की आँखों में एक रहस्यमयी चमक आ जाती है और सीरीज खत्म हो जाती है।
मुफ़ज़्ज़ल हुसैन…..✍️
97546 55030

