मुंबई । दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के साथ ही देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया है, जिसमें महाराष्ट्र, गुजरात और पूर्वोत्तर राज्य सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, और कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बारिश और भूस्खलन के कारण यातायात को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह है कि एक्सप्रेसवे को अब फिर से यातायात के लिए खोल दिया गया है, जिससे आवागमन सामान्य हो सका है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और उससे पैदा हुए संकट की समीक्षा के लिए मंत्रालय स्थित राज्य आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने नियंत्रण कक्ष से राज्य के विभिन्न जिलों की स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की। उन्होंने इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा में बताया कि राज्य इस समय मौसम की अभूतपूर्व स्थिति का सामना कर रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने, झरनों और पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर नहीं जाने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि राज्यभर में आपदा प्रबंधन, राहत और बहाली से जुड़ी टीमें लगातार तैनात हैं और स्थिति पर नज़र रख रही हैं।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे कॉरिडोर सबसे अधिक प्रभावित हुआ था। घाट सेक्शन में कई स्थानों पर भूस्खलन होने से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराना मुंबई-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। वहीं, करजात और लोणावला के बीच रेलवे ट्रैक पर मलबा गिरने से कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट करना पड़ा, जिससे रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमएसआरडीसी) ने मलबा हटाने और व्यापक सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद पुणे-मुंबई कनेक्टिंग लिंक रोड पर वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी। निगम ने बताया कि सुरक्षा उपाय पूरे होने के बाद ही मार्ग को फिर से यातायात के लिए खोला गया है।
मुंबई महानगर क्षेत्र में भी लगातार बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं। शहर के कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। मानखुर्द इलाके में एक अवैध ढांचा पास की झुग्गियों पर गिरने से छह लोगों की मौत हो गई, जो बारिश के दौरान जर्जर संरचनाओं के खतरों को उजागर करता है। वहीं, ठाणे में एक होर्डिंग गिरने की घटना भी सामने आई, जबकि पुणे जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में मुंबई में पूरे जुलाई महीने के औसत के बराबर बारिश होने की संभावना है। इसके मद्देनजर, प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने महाराष्ट्र में परिवहन व्यवस्था, दैनिक जीवन और आपदा प्रबंधन तंत्र की एक बड़ी परीक्षा ले ली है। राज्य सरकार ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।

