बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: मंदिर समिति के पीए निलंबित

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मायावती ने की एसआईटी जांच की मांग
देहरादून । बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने पांच दिन बाद पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने अध्यक्ष के पर्सनल सेक्रेटरी प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच में चढ़ावा चोरी की पुष्टि होने के बाद की गई है, जिससे इस प्रकरण ने अब एक गंभीर सियासी रंग ले लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए जांच समिति को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बाद अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस मामले में एसआईटी जांच की मांग करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। निलंबित किए गए प्रमोद नौटियाल पर प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। मंदिर समिति के अनुसार, नौटियाल वर्तमान में जिस पद पर हैं, उससे जांच प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था, जिसके चलते उन्हें 3 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद अब निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि नौटियाल उनके पर्सनल सेक्रेटरी नहीं थे, बल्कि समिति के एक कर्मचारी थे।
बदरीनाथ के स्थानीय विधायक लखपत बुटोला (कांग्रेस) ने मौन धरना देकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद बदरीनाथ के चढ़ावे में हेराफेरी दुर्भाग्यपूर्ण है। बुटोला ने मामले की हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की अगुवाई में जांच की मांग की है और कहा है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि लोगों का धर्म के प्रति विश्वास बना रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में लगातार चढ़ावा चोरी हो रहा है, संभवतः इसी राशि का उपयोग अन्य राज्यों में सरकारें तोड़ने और विधायक-सांसद खरीदने में किया जा रहा है। बुटोला ने भाजपा को हिंदू विरोधी बताते हुए सवाल उठाया कि जिसके राज में मंदिरों में चोरी हो रही है, वह हिन्दुओं की हितैषी कैसे हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह अकेला व्यक्ति का काम नहीं हो सकता और सरकार या रसूखदारों की शह के बिना ऐसी चोरी संभव नहीं है, जिससे लीपापोती का प्रयास किया जा रहा है। बुटोला ने कपाट खुलने के दिन से अब तक की सीसीटीवी फुटेज जारी करने की मांग की, दावा किया कि इससे करोड़ों का घोटाला सामने आएगा, जिसमें वीआईपी दर्शन और चढ़ावे की राशि का हिसाब-किताब भी स्पष्ट होगा।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर अयोध्या व बदरीनाथ प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठन की मांग की है और धर्म स्थलों के मुख्य प्रबंधकों की गहन जांच होनी चाहिए, क्योंकि आम चर्चा है कि निचले स्तर पर हुई गड़बड़ियों में मुख्य प्रबंधकों की या तो मिलीभगत रही है या फिर लापरवाही। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने भी बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है, क्योंकि उनके अनुसार दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने बदरीनाथ में सोना-चांदी के सार्वजनिक लेखा-जोखा न होने, सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक न करने और वर्तमान जांच टीम की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं, जो मंदिर समिति के ही लोगों से बनी है। कांग्रेस ने राज्य भर में उपवास-सत्याग्रह कर मंदिरों की पवित्रता और पारदर्शिता की मांग की है।