लखनऊ । अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने राम मंदिर ट्रस्ट और मंदिर प्रशासन से जुड़े पदाधिकारियों को अगले आदेश तक अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। यह कदम जांच की गंभीरता को देखते हुए उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी लगातार ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। जांच टीम दान राशि के प्रबंधन, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पड़ताल कर रही है। एसआईटी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जांच के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण व्यक्ति की उपलब्धता बनी रहे और साक्ष्यों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। यह जांच कथित दान राशि में गड़बड़ी के आरोपों के बाद शुरू की गई। जांच का दायरा केवल वित्तीय लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि नियुक्तियों और सुरक्षा व्यवस्था जैसे प्रशासनिक पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष लगातार निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

