शरद पवार ने की महाराष्ट्र सरकार की किसान कर्जमाफी योजना में बदलाव की तारीफ

ताज़ा खबर देश

एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत ने एनडीए में शामिल होने की अटकलों को अफवाह बताया
मुंबई । एनसीपी(एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार की किसान कर्जमाफी योजना में हुए बदलाव की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से लाखों किसानों को फायदा मिलेगा। पवार ने सीएम फडणवीस को धन्यवाद भी कहा। शरद पवार की पार्टी एनसीपी के एनडीए में शामिल होने या कांग्रेस में विलय की अटकलें भी चल रही हैं। हालांकि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने इन्हें अफवाह बताया है। सूत्रों के मुताबिक शरद पवार की पार्टी के नेता एनडीए में शामिल के पक्ष में नहीं हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन अटकलों को उस समय और बल मिला, जब शरद पवार ने महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर 8 जुलाई को मुंबई में विधानभवन में बैठक हुई थी। इसके बाद पवार ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के कमरे में अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की। शरद पवार ने कहा कि राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं और कृषि उपज के दामों में गिरावट को देखते हुए कर्जमाफी योजना की घोषणा की थी। हालांकि, योजना में शुरू में कुछ ऐसी शर्तें रखी गई थीं, जिनसे बड़ी संख्या में किसानों को लाभ नहीं मिल पाता।
उन्होंने कहा कि पहले 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले किसान कर्जमाफी योजना का लाभ लेने वाले किसानों के लिए अधिकतम 50 हजार रुपए तक की ही राहत का प्रावधान था। इसके अलावा, नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों के लिए 2025-26 और 2026-27 के फसल ऋण का भुगतान करना अनिवार्य किया गया था। शरद पवार ने कहा कि इन दोनों शर्तों के कारण लाखों किसान योजना के दायरे से बाहर हो जाते हैं। उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस सरकार का इन शर्तों को वापस लेने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह फैसला राज्य के किसानों की भावनाओं के अनुरूप है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की स्थापना 10 जून 1999 को शरद पवार, पीए संगमा और तारिक अनवर ने की थी। तीनों नेताओं ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे। कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके बाद तीनों ने एनसीपी का गठन किया।