इंदौर से अबूधाबी की सीधी उड़ान शुरू; पहली उड़ान से 100 यात्री रवाना

इंदौर

प्रदेश की पहली इंटरनेशनल फ्लाइट को सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी; सवा तीन घंटे में पूरा होगा सफर ::
सप्ताह में चार दिन मिलेगी सेवा; व्यापार-पर्यटन और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार ::
इंदौर । मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की। देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रदेश की पहली सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान इंदौर-अबूधाबी शुरू हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फ्लाइट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और अबूधाबी जाने वाले यात्रियों को बोर्डिंग पास भी सौंपे।
अब इंदौर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की प्रशासनिक राजधानी अबूधाबी तक का सफर महज 3 घंटे 15 मिनट में पूरा होगा। पहले यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ानों के माध्यम से करीब आठ घंटे का समय लगता था। सप्ताह में चार दिन संचालित होने वाली यह सेवा इंदौर को सीधे खाड़ी देशों से जोड़ते हुए व्यापार, निवेश, पर्यटन और प्रवासी भारतीयों के लिए नए अवसरों का मार्ग खोलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर-अबूधाबी सीधी उड़ान केवल दो शहरों को जोड़ने वाली हवाई सेवा नहीं, बल्कि दो देशों, दो संस्कृतियों और असीम संभावनाओं को जोड़ने वाला सेतु है। यह सेवा मध्यप्रदेश के विकास, व्यापार, पर्यटन और वैश्विक निवेश को नई गति देगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विमानन नीति-2025 लागू की है। इसी नीति के तहत प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान का सपना साकार हुआ है। राज्य सरकार हवाई संपर्क के विस्तार पर लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में प्रदेश के अन्य शहरों को भी बेहतर हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
:: पहली उड़ान में 100 यात्री रवाना ::
इंदौर से अबूधाबी के लिए रवाना हुई पहली उड़ान में करीब 100 यात्री सवार हुए, जबकि वापसी उड़ान से करीब 170 यात्रियों के इंदौर पहुंचने की संभावना है। यह सेवा फिलहाल सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित होगी। इस मार्ग का संचालन टाटा समूह की एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार इस सेवा के लिए प्रति फ्लाइट करीब 15 लाख रुपए वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) उपलब्ध कराएगी। इससे यात्रियों के लिए किराया अधिक सुलभ होने की उम्मीद है।
:: इंदौर की वैश्विक पहचान को मिलेगा विस्तार ::
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर-अबूधाबी उड़ान प्रदेश की आर्थिक राजधानी को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा क्षेत्र और विदेशों में रहने वाले भारतीयों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नई हवाई सेवा से प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा मध्यप्रदेश और यूएई के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती मिलेगी।
:: पीथमपुर उद्योग और सिंहस्थ-2028 के लिए अहम ::
इंदौर-पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार और सिंहस्थ-2028 को देखते हुए यह हवाई सेवा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे उद्योग जगत को खाड़ी देशों तक बेहतर पहुंच मिलेगी और विदेशी पर्यटकों के लिए मध्यप्रदेश पहुंचना आसान होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में विमानन ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में तीन नए एयरपोर्ट शुरू किए गए हैं, जबकि उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट निर्माणाधीन हैं।
:: बढ़ते यात्री दबाव के बीच एयरपोर्ट विस्तार की जरूरत : लालवानी
इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इंदौर एयरपोर्ट लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। एयरपोर्ट की क्षमता 40 लाख यात्रियों की है, जबकि पिछले एक वर्ष में यहां से 43 लाख यात्रियों ने यात्रा की।
उन्होंने कहा कि इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र में औद्योगिक विकास और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नए टर्मिनल और रनवे विस्तार की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
इंदौर की यह नई हवाई कड़ी मालवा को अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।