भारत की नजर…पहले आर्मी चीफ, अब अमित शाह का बॉर्डर दौरा

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नई दिल्ली । बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं। मोहम्मद यूनुस के बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान का रवैया भारत के प्रति षड्यंत्रकारी बताया जा रहा है। उन्होंने परंपराओं को दरकिनार करते हुए अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन को चुना। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही ढाका के अधिकारी चीन को सीमावर्ती इलाकों में पैर जमाने के लिए जमीन मुहैया कराने में लगे हुए हैं। चाहे वह तीस्ता प्रोजेक्ट हो या लालमोनिरहाट एयरबेस को विकसित करने की योजना, हर जगह चीन को आमंत्रित किया जा रहा है। बांग्लादेश में स्थित लालमोनिरहाट, सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ के बेहद करीब है, और वहां चीन की मौजूदगी भारत के लिए सामरिक रूप से बेहद खतरनाक और चिंताजनक है। रिपोर्टों की मानें तो बीजिंग की ओर से यहां एक विशाल हैंगर बनाया गया है। दूसरी ओर, भारत पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में चीन की इन गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है और संकरे ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कई कदम उठाए जा चुके हैं।
इस इलाके की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के तुरंत बाद गृहमंत्री अमित शाह ‘चिकन नेक’ यानी सिलीगुड़ी की यात्रा पर जा रहे हैं। वहां वे सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही बीएसएफ के जवानों से भी बातचीत करेंगे। दरअसल, बांग्लादेश अपनी सीमा से लगते इलाकों में विकास के नाम पर चीन को पैर जमाने के लिए जमीन उपलब्ध करा रहा है। चीन की लंबे समय से सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ पर बुरी नजर रही है, ऐसे में बीजिंग का सीमा के करीब आना खतरे की घंटी से कम नहीं है। भारत इस बात को अच्छी तरह से समझता है, यही वजह है कि ‘चिकन नेक’ और बांग्लादेश सीमा से लगते इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सेना प्रमुख ने हाल ही में पश्चिम बंगाल स्थित बेंगडुबी सैन्य स्टेशन का दौरा कर पूर्वी कमान की ऑपरेशनल तैयारियों और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। यह सैन्य स्टेशन रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह देश के लिए अत्यंत संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के उत्तरी प्रवेश द्वार पर स्थित है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर के आसपास दो हाई-प्रोफाइल दौरों का रणनीतिक महत्व काफी ज्यादा है। चीन पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के जरिए इस इलाके में घुसपैठ की कोशिश में जुटा है। आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ के बाद अब गृहमंत्री अमित शाह 18 जुलाई को सुबह सिलीगुड़ी में बीएसएफ की जुमागाछ सीमा चौकी का दौरा करेंगे और 18वीं बटालियन बॉर्डर आउटपोस्ट पर जवानों से बातचीत करेंगे। इस मौके पर वे बीएसएफ के विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन व शिलान्यास भी करेंगे। दोपहर को ‘पश्चिम बंगाल में बॉर्डर से जुड़े मामलों’ पर बैठक की अध्यक्षता करने के बाद वे पश्चिम बंगाल में तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन पर समीक्षा बैठक करेंगे। शाम में बंगाल में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामलों पर भी बैठक होगी।