-झारखंड में आकाशीय बिजली से 8 लोगों की मौत
-दार्जिलिंग में पुल बहा, शिमला में भूस्खलन
नई दिल्ली । देश के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी बारिश और तेज हवाओं का असर लगातार देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में मौसम संबंधी घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। शुक्रवार को कोलकाता एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब अगरतला जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट पर बिजली गिर गई। वहीं दार्जिलिंग में पुल बह गया, शिमला में भूस्खलन हुआ और झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अगरतला जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई6068 पर उड़ान से पहले बिजली गिर गई। विमान में 147 यात्री सवार थे। घटना के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और बाद में दूसरी उड़ान से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। हादसे में दो ग्राउंड स्टाफ कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं, हालांकि दोनों सुरक्षित बताए गए हैं।
झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में आठ लोगों की जान चली गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक दो वर्षीय बच्चा भी शामिल हैं। सबसे अधिक तीन मौतें हजारीबाग जिले में हुईं, जबकि पलामू, लोहरदगा, रामगढ़, पश्चिमी सिंहभूम और गोड्डा जिलों से भी जनहानि की खबरें मिली हैं।
बालासन नदी उफान पर, पुल बहा
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में लगातार बारिश के कारण बालासन नदी उफान पर आ गई। तेज बहाव के चलते नदी पर ह्यूम पाइप से बना अस्थायी पुल बह गया, जिससे मिरीक-सिलीगुड़ी मार्ग पर यातायात रोकना पड़ा। इसके अलावा उत्तरी बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण महानदी क्षेत्र के पास भूस्खलन हुआ, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग और सिलीगुड़ी-कुर्सियांग सड़क पर आवाजाही बाधित हो गई। वहीं दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भी तेज बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित मार्गों पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है।
टर्मिनल की छत से पानी रिसा
इस बीच, महाराष्ट्र के नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारी बारिश के कारण टर्मिनल की छत से पानी रिसने लगा। इसके चलते बैगेज बेल्ट संख्या 5 और 6 को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार लगभग 30 मिनट में रिसाव पर नियंत्रण पा लिया गया और एक घंटे के भीतर मरम्मत तथा सफाई का कार्य पूरा कर दोनों बेल्टों को फिर से चालू कर दिया गया।

