मानसून सत्र के पहले दिन संसद में हंगामा

देश

-खड़गे ने जंतर-मंतर लाठीचार्ज और नीट मुद्दे पर सरकार को घेरा
-राज्यसभा में छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता
-लोकसभा में जजों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक पेश
नई दिल्ली । संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा और लोकसभा में विपक्ष ने नीट-यूजी पेपर लीक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर सरकार को घेरा। इन मुद्दों पर जोरदार हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट परीक्षा और पेपर लीक को लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए थे, लेकिन उनकी आवाज दबाने के लिए उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बल प्रयोग के जरिए प्रदर्शनकारियों को हटाने और विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। खड़गे ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़ी चिंताओं पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए और सरकार को जवाब देना चाहिए।
लोकसभा में विपक्ष ने की नारेबाजी
उधर, लोकसभा में भी विपक्षी सांसदों ने नीट-यूजी पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा मामले सहित कई मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी की। कई सांसद पोस्टर और बैनर लेकर सदन पहुंचे, जिसके कारण सदन का माहौल काफी गर्म रहा। विपक्ष ने संकेत दिए कि पूरे मानसून सत्र के दौरान इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक पेश
इसी बीच केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी विधेयक पेश किया। सरकार का कहना है कि लंबित मामलों के तेजी से निपटारे और न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह कदम आवश्यक है।