कई अब भी फंसे, युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी
गुवाहाटी/नामची । सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण हादसे में अब तक 10 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य श्रमिक अभी भी सुरंग के भीतर फंसे हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुरंग के भीतर मीथेन गैस के विस्फोट के बाद भूस्खलन हुआ, जिससे सुरंग का प्रवेश मार्ग बंद हो गया और अंदर मौजूद श्रमिक बाहर नहीं निकल सके।
बताया गया कि हादसा सोमवार दोपहर करीब 3:40 बजे ज्होलुंगे क्षेत्र के समरदुंग स्थित निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। घटना के समय कुल 25 श्रमिक, जिनमें एनएचपीसी के कर्मचारी भी शामिल थे, सुरंग के भीतर काम कर रहे थे। जिला प्रशासन ने अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि शेष श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार सुरंग के भीतर लगभग डेढ़ किलोमीटर अंदर मीथेन गैस जमा हो गई थी। गैस निकालने के प्रयास के दौरान अचानक विस्फोट हुआ, जिससे सुरंग के एक हिस्से में भूस्खलन हो गया और रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। कुछ श्रमिक तत्काल बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कई अंदर ही फंस गए।
बचाव अभियान को मीथेन गैस, ऑक्सीजन की कमी, धुंधली दृश्यता और संकरी सुरंग जैसी कठिन परिस्थितियों के कारण भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। शुरुआती प्रयासों में दमकल कर्मियों को सांस लेने में परेशानी हुई, जिससे उन्हें अभियान बीच में रोकना पड़ा। बाद में एनडीआरएफ की टीमों ने भी प्रयास किया, लेकिन विषाक्त वातावरण के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद पश्चिम बंगाल से गैस सुरक्षा उपकरणों से लैस विशेष बचाव दल बुलाया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिक्किम पुलिस, दमकल, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बातचीत कर घटना की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की निगरानी में पूरी रात बचाव अभियान जारी रहा। प्रशासन का कहना है कि फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

