नई दिल्ली । केंद्र की मोदी सरकार ने पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण विधेयक पर मुहर लगी। माना जा रहा है कि बिल को 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है। यह फैसला तब आया है जब कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से जुड़े वीडियो संदेश में पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानून बनाने की बात कही थी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली मुद्दा नहीं है और यह लाखों छात्रों तथा उनके अभिभावकों के लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने पिछले ढाई महीनों में दोषियों को पकड़ने, उन्हें जेल भेजने और कम समय में 22 लाख छात्रों की परीक्षा फिर कराकर 19 जुलाई को परिणाम जारी करने जैसे कदमों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि हमारी सरकार इतने से संतुष्ट नहीं होगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच, कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देने के लिए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेसवार्ता की। हालांकि, उन्होंने पेपर लीक बिल से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने मुख्य रूप से कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में रेल परियोजनाओं को मंजूरी और रासायनिक क्षेत्र के लिए 3,030 करोड़ रुपये की नई योजना की जानकारी दी।

