जवानों के असाधारण साहस को किया याद
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश की सुरक्षा में तैनात भारतीय सशस्त्र बलों को नमन करते हुए उनके असाधारण साहस और प्रतिबद्धता के प्रति राष्ट्र की ओर से आभार व्यक्त किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश जारी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहद मुश्किल चुनौतियों का सामना करते हुए हमारे सैनिकों द्वारा दिखाई गई वीरता हर भारतीय के लिए हमेशा गर्व का स्रोत बनी रहेगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, कारगिल विजय दिवस पर, हमारा देश भारत की सुरक्षा के प्रति असाधारण साहस और प्रतिबद्धता दिखाने वाले बहादुर सैनिकों का आभार व्यक्त करता है। सबसे कठिन परिस्थितियों में भी उनकी बहादुरी हमेशा देश के लिए गर्व की बात रहेगी। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि 1999 के युद्ध के नायकों का समर्पण, उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य के प्रति निष्ठा आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
हर साल 26 जुलाई को मनाया जाने वाला कारगिल विजय दिवस 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की अप्रतिम बहादुरी, सर्वोच्च बलिदान और अटूट संकल्प का प्रतीक है। यह दिन उन अमर वीर जवानों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह ऐतिहासिक संघर्ष मई 1999 में तब शुरू हुआ था, जब घुसपैठियों ने चोरी-छिपे नियंत्रण रेखा पार करके श्रीनगर और लेह को जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे को काटने के इरादे से ऊंची पहाड़ियों पर स्थित भारतीय चौकियों पर कब्ज़ा कर लिया था। भारत ने इस दुस्साहस का करारा जवाब देते हुए ऑपरेशन विजय की शुरुआत की। दो महीने से भी अधिक समय तक चले इस कठिन अभियान में भारतीय सेना ने अत्यंत दुर्गम परिस्थितियों का सामना करते हुए इंच-दर-इंच लड़ाई लड़ी। अंततः, भारतीय वीरों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए सभी घुसपैठियों को खदेड़ दिया और 26 जुलाई 1999 को अपनी सभी चौकियों पर पुनः तिरंगा फहराकर पूर्ण विजय हासिल की।

