पाकिस्तान में मुस्लिम ने बनाई गणेश प्रतिमा, सड़कों पर गूंजे बप्पा के नारे

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क्या हिंदू-क्या मुस्लिम दोनों देशों के लोग वायरल वीडियो पर लुटा रहे प्यार
इस्लामाबाद । सोशल मीडिया पर इन दिनों पाकिस्तान के करांची से आया एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। आमतौर पर इंटरनेट पर दोनों मुल्कों के बीच कड़वाहट ही देखने को मिलती है, लेकिन इस वायरल वीडियो में जो नजारा देखने को मिला, उसने हर किसी का दिल छू लिया और लोगों के दिलों में मिठास घोल दी। वीडियो में करांची की सड़कों पर गणपति उत्सव की ऐसी रौनक देखने को मिली, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने यह वीडियो शेयर किया है। वीडियो में करांची के पुराने गणेश मठ मंदिर का दृश्य दिखाया गया है। बताया जा रहा है कि इस मंदिर की देखभाल वहां रहने वाला एक मराठी परिवार करता है, लेकिन वीडियो में सबसे प्यारी और खास बात तब देखने को मिली जब नजर मूर्ति बना रहे कलाकार पर पड़ी। वीडियो में साफ देखने को मिला कि सिर पर टोपी लगाए एक मुस्लिम कारीगर गणेश जी की मूर्ति को आकार दे रहा है। बड़े प्यार और ध्यान से उसमें रंग भर रहा है। वह पूरी लगन से बप्पा की मूरत को निखारने में जुटा था। वीडियो पर लिखा था- कौन हिंदू? कौन मुस्लिम? बप्पा का आशीर्वाद और करांची की खूबसूरती। यह बात लोगों को बहुत पसंद आई और लोग इसे दोनों देशों के लोगों के प्यार से जोड़ रहे हैं। कह रहे हैं त्योहर कोई भी हो यह लोगों को मिलते हैं ना कि नफरत फैलाते हैं।
एक और क्लिप में करांची की सड़कों का नजारा देखने को मिला, जहां फूलों से सजी गाड़ी में गणपति का जुलूस निकाला जा रहा था। वीडियो में करांची की मराठी महिलाएं हरी साड़ी, नाक में पारंपरिक नथ और हरी चूड़ियां पहने नजर आईं। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि महिलाएं हाथ में माइक लेकर पूरे जोश के साथ मराठी में भजन गा रही हैं। बप्पा का रथ करांची की गलियों से निकल रहा था और वहां हिंदू-मुस्लिम शांति और सम्मान के साथ इस उत्सव को देख रहे थे।
इंटरनेट पर आते ही इस वीडियो ने लोगों का ध्यान खींच लिया। वीडियो में देखने को मिले इस प्यार और भाईचारे की वजह से इसे 34 लाख से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। कमेंट बॉक्स में भारत और पाकिस्तान, दोनों तरफ के लोग खुलकर प्यार लुटा रहे हैं। लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो में देखने को मिली यह तस्वीर साबित करती है कि इंसानियत, कला और भक्ति के आगे सरहद की कोई दीवारें और नफरत नहीं टिक सकती है। यह तस्वीर हमें दिखाती है कि हमें हर त्योहर भाईचारे से मना चाहिए चाहे हम किसी भी धर्म-देश के ही क्यों न हों।