मुंबई । सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और अभिनेत्री संदीपा विर्क ने हाल ही में अपनी जिंदगी के सबसे भयावह दौर को याद कर तिहाड़ जेल में बिताए साढ़े चार महीने का दर्द साझा किया है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में तिहाड़ जेल में बंद रहीं संदीपा, उस अनुभव को याद कर आज भी भावुक होती हैं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं। उन्होंने जेल की जिंदगी को अपनी जिंदगी का सबसे भयावह अनुभव बताया है।
संदीपा ने बताया कि तिहाड़ जेल में कैदियों के आत्मसम्मान को बुरी तरह से कुचला जाता है। चेकिंग के नाम पर कड़ाके की ठंड में कैदियों के कपड़े उतरवाए जाते थे और निजी अंग पर टॉर्च जलाकर तलाशी ली जाती थी, इस उन्होंने बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया। उन्हें दिन में कम से कम तीन बार पूरी तरह नग्न कर जांच की जाती थी। इस प्रक्रिया की मंशा पर सवाल उठाकर संदीपा ने कहा कि इतनी सख्त चेकिंग के बावजूद जेल के अंदर मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ कैसे पहुंच जाते हैं। उन्होंने ऐसी सोच पर भी गुस्सा जताया कि लड़की ही देख रही है, कपड़े उतर गए तब क्या हुआ? इसके अलावा, बाल और मुंह तक खुलवाकर जांच की जाती थी।
संदीपा ने जेल के खाने और टॉयलेट को हद से ज्यादा गंदा बताया। पहले दिन ही उन्हें 25-26 अन्य कैदियों के साथ रखा गया, जिससे असहजता के कारण वे पहली रात सो नहीं सकी। वहां दी जाने वाली प्रताड़ना इतनी भयानक थी कि मानसिक रूप से टूटकर उनके मन में कई बार आत्महत्या के विचार भी आने लगे थे। अपने गुस्से पर नियंत्रण न रख पाने की वजह से जेल में उनकी अन्य लोगों से हाथापाई होती थी। यह अनुभव संदीपा के लिए एक काला अध्याय रहा, जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया।

