सीजेपी प्रवक्ताओं ने कहा- शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही भी एजेंडे में, संगठन की विश्वसनीयता बढ़ी
नई दिल्ली । केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने इसे आंदोलन की बड़ी सफलता बताया है। इसी के साथ संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका अभियान यहीं समाप्त नहीं होगा। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ताद्वय आशुतोष राकां व सौरव दास ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केवल पहली सीढ़ी है और अब शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा तथा आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय कराना संगठन की अगली प्राथमिकता होगी।
करीब 35 दिनों तक चले आंदोलन, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, संसद मार्च और जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सीजेपी ने जनआंदोलन की जीत बताया। संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, हम कॉकरोच हैं, एक बार घुसते हैं तो निकलते नहीं हैं। उनका संकेत था कि संगठन आगे भी विभिन्न जनसरोकारों के मुद्दों पर सक्रिय रहेगा।
एक बातचीत में पार्टी के प्रवक्ताद्वय ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने में आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि लोगों का बढ़ता भरोसा है। उनके अनुसार, शुरुआत में नए संगठन होने के कारण लोगों में उत्सुकता के साथ शंका भी थी, लेकिन लगातार संघर्ष और अनुशासित आंदोलन के कारण संगठन की विश्वसनीयता बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि अब युवाओं को यह विश्वास होने लगा है कि उनके मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने वाला एक मंच तैयार हो चुका है। सीजेपी प्रवक्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसा मंच तैयार करना है, जहां युवा बिना किसी डर के अपनी समस्याएं रख सकें और सरकारों से जवाबदेही मांग सकें। उन्होंने बताया कि संगठन शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम करेगा और आंदोलन के दौरान घायल हुए लोगों को आवश्यक चिकित्सा और कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराएगा।
एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं थी पूरी व्यवस्था
आंदोलन के दौरान नेतृत्व को लेकर उठे सवालों पर भी प्रवक्ताओं ने प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि इतने कम समय में बने संगठन के युवा नेतृत्व ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को संगठित किया, सरकार के साथ कई दौर की बातचीत की और पूरे आंदोलन का संचालन सामूहिक निर्णय प्रक्रिया के आधार पर किया। उन्होंने कहा कि संगठन के सभी प्रमुख सदस्य जिम्मेदारियां बांटकर काम करते रहे और किसी एक व्यक्ति पर पूरी व्यवस्था निर्भर नहीं थी।
छात्रों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी रहेगी जारी
सरकार के साथ हुई वार्ताओं का उल्लेख करते हुए सीजेपी प्रवक्ताओं ने बताया कि बातचीत के दौरान सुरक्षा कारणों से उनके मोबाइल फोन कुछ समय के लिए रखवा लिए गए थे, लेकिन बाद में बातचीत सामान्य ढंग से आगे बढ़ी। उन्होंने कहा कि आंदोलन औपचारिक रूप से समाप्त हो सकता है, लेकिन शिक्षा सुधार, जवाबदेही और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और कथित ज्यादतियों के मामलों में भी जवाबदेही तय कराने के लिए संगठन कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मुहिम जारी रखेगा।

