आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाईं, आईएनएस महेंद्रगिरि, पिनाका और कुशा मिसाइल का किया उल्लेख
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने देश की रक्षा क्षमताओं में हो रही प्रगति, आत्मनिर्भर भारत अभियान और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कारगिल की दुर्गम चोटियों, प्रतिकूल मौसम और दुश्मन की चुनौती के बावजूद भारतीय जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश की रक्षा की। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस प्रत्येक भारतीय को गर्व से भर देता है और यह दिन देश के उन वीर सैनिकों के बलिदान की याद दिलाता है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कारगिल के वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष ‘शौर्य यात्रा’ का भी आयोजन किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जल संरक्षण अभियान ‘कैच द रेन’ की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अभियान में गांवों और शहरों दोनों जगह लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई है, जिससे जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ी है। इसी के साथ ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किए गए युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरि का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक युद्धपोत पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है तथा इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरणों का उपयोग हुआ है। उनके अनुसार, यह आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता का सशक्त उदाहरण है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इस महीने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने लंबी दूरी के पिनाका गाइडेड रॉकेट तथा कुशा मिसाइल प्रणाली का सफल परीक्षण किया है। उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और रक्षा विशेषज्ञों को देते हुए कहा कि उनकी मेहनत के कारण भारत रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत केवल अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा उपकरणों के निर्यात और रणनीतिक साझेदारी के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों से जुड़े रक्षा सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय रक्षा तकनीक और स्वदेशी हथियारों पर दुनिया का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। उनके अनुसार, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रही है।
फिजिक्स ऑलंपियाड का किया जिक्र
पीएम मोदी ने फिजिक्स ऑलंपियाड का जिक्र करते हुए कहा कि फिजिक्स ऑलंपियाड में हमारे सभी पांच छात्रों ने गोल्ड मेडल जीता और भारत ने पहली रैंक हासिल की। पिछले एक दशक में आयोजित हर फिजिक्स ऑलंपियाड में हमारे देश के छात्रों ने गोल्ड या सिल्वर मेडल जरूर जीते हैं। उन्होंने कहा कि केमिस्ट्री ऑलंपियाड में भी हमारे सभी छात्रों ने गोल्ड मेडल जीते। यह अब तक की बेस्ट परफॉर्मेंस रही है। पीएम मोदी ने कहा बायोलॉजी ऑलंपियाड में भी हमारे सभी छात्रों ने मेडल जीते, इनमें एक गोल्ड मेडल भी शामिल है। वहीं, गणित ऑलंपियाड में भी हमारे छात्रों ने दो स्वर्ण और चार रजत पदक अपने नाम किए हैं।
पीवी सिंधु का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में कहा, हमारे युवाओं ने हाल के दिनों में स्पोर्ट्स में कई शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा, पीवी सिंधु बैडमिंटन में जापान ऑपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि पर संपूर्ण देश को गर्व है। उन्होंने कहा, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी लंदन में लॉर्ड्स स्टेडियम में अपना पहला टेस्ट मैच जीता है, जो कि एक ऐतिहासिक जीत है।

