कई जिलों में हाई अलर्ट और बचाव कार्य जारी
अहमदाबाद । गुजरात के विभिन्न हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, बारिश और जलभराव से जुड़ी विभिन्न दुर्घटनाओं में अब तक 31 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। राज्य के कई जिलों में स्थिति अब भी बेहद गंभीर बनी हुई है। बिगड़ते हालात को देखते हुए गुजरात सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों को युद्ध स्तर पर तेज कर दिया है।
प्रशासन द्वारा राज्यभर में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और त्वरित मदद के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारतीय सेना और भारतीय तटरक्षक बल की कुल 49 टीमों को तैनात किया गया है। राहत आयुक्त गौरांग मकवाना के अनुसार, बारिश से जुड़ी ये मौतें मुख्य रूप से तापी, वलसाड, आणंद, मेहसाणा और पंचमहल जिलों में दर्ज की गई हैं। राहत एजेंसियां जलभराव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं और साथ ही बुनियादी नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। नर्मदा नहर से पानी के अत्यधिक आवक के कारण सुरेंद्रनगर जिले में स्थित धोलीधाजा डैम अपनी 100 प्रतिशत क्षमता तक पहुंच चुका है। खतरे की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने सुरेंद्रनगर, रतनपार, जोरावरनगर, वधवान, मेमका, भदियाद, नाना केरला, सांकली, शियाणी, नटवरगढ़, दौलतपार समेत कई निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों को नदियों के पास न जाने तथा अपने सामान और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की सख्त हिदायत दी गई है।
भारी जलभराव के चलते यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। चांगोदर और बावला के बीच स्थित सनाथल-बगोदरा हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। चालकों को वैकल्पिक मार्ग के रूप में धोलेरा एक्सप्रेसवे और वेजलका-बगोदरा रूट का उपयोग करने की सलाह दी गई है। अहमदाबाद-विरमगाम हाईवे पर भी पानी के तेज बहाव के कारण मार्ग बाधित है। राजकोट की ओर से आने वाले वाहनों के लिए रूट डायवर्जन किया गया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अति-आवश्यक न होने पर यात्रा से बचें और राहत-बचाव में जुटी टीमों का सहयोग करें।

