बाढ़ का कहर: ओडिशा में एक लाख लोगों को राहत शिविरों में भेजा

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-असम में मृतकों की संख्या 75 पहुंची, हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन से सड़कें बंद
-चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित

नई दिल्ली । देश के कई राज्यों में मानसून ने विकराल रूप धारण कर लिया है। असम और गुजरात के बाद अब ओडिशा भी भीषण बाढ़ की चपेट में है। लगातार मूसलाधार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं असम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने समीक्षा बैठक के बाद मीडिया को बताया कि गहरे दबाव के प्रभाव से बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिले सबसे अधिक संवेदनशील बने हुए हैं। अगले 24 घंटे इन क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इसके अलावा क्योंझर, सुंदरगढ़ और संबलपुर जिलों में भी प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए ओड्राफ, एनडीआरएफ और अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार तैनात हैं। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने स्थिति की निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को भोजन, सूखा राशन और शिशु आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की रात्रि गश्त बढ़ा दी गई है। बाढ़ प्रभावित जिलों के सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।
असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, शिवसागर जिले में सात मौतों के बाद बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। राज्य के सात जिलों के 622 गांवों में करीब 3.32 लाख लोग प्रभावित हैं। सबसे अधिक असर चराईदेव जिले में देखा जा रहा है। सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं तथा 81 राहत शिविरों के माध्यम से प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाई जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण चंबा जिले में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ, जिसमें कई घर और लगभग एक दर्जन वाहन मलबे में दब गए। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में 108 सड़कें बंद हैं। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में अचानक बाढ़ और भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उधर, उत्तराखंड में भूस्खलन और खराब मौसम के चलते प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से चारधाम यात्रा मंगलवार और बुधवार के लिए स्थगित कर दी है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मंगलवार को हुई तेज बारिश से व्यापक जलभराव हुआ और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले तीन वर्षों में जुलाई का सबसे ठंडा दिन रहा। नोएडा में डिवाइडर गिरने से एक बाइक सवार घायल हो गया। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने की खबर है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।