-किसानों, छात्रों और युवाओं के साझा मोर्चे की तैयारी, सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप
-छात्रों पर दर्ज मामलों की वापसी नहीं हुई तो देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने आंदोलन को व्यापक सामाजिक स्वरूप देने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के वरिष्ठ नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की। दिल्ली में हुई इस बैठक में किसानों, छात्रों और युवाओं के साझा मंच के गठन तथा सरकार के खिलाफ संयुक्त रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक को छात्र आंदोलन के अगले चरण की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि किसान, छात्र और युवा एकजुट होकर अपने मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। उनके अनुसार, शिक्षा से जुड़े सवालों के साथ-साथ किसानों और युवाओं की समस्याओं को भी अब एक साझा मंच से उठाया जाएगा, ताकि विभिन्न वर्गों की आवाज को एकजुट किया जा सके। सीजेपी ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान केंद्र और कुछ राज्य सरकारों की ओर से दिए गए आश्वासनों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। संगठन का दावा है कि बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों में कुछ कार्रवाई हुई है, लेकिन राजस्थान सहित कई राज्यों में अब भी छात्रों पर एफआईआर दर्ज की जा रही हैं और उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर सीजेपी नेताओं ने राकेश टिकैत से समर्थन मांगा। संगठन का कहना है कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो किसान संगठनों और युवा समूहों के सहयोग से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। सीजेपी का दावा है कि यह अभियान शिक्षा, रोजगार और किसानों से जुड़े मुद्दों को एक साथ उठाने का प्रयास होगा।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर चले छात्र आंदोलन के दौरान भी राकेश टिकैत कई बार प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे और छात्रों के समर्थन में अपनी एकजुटता व्यक्त की थी। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच हुई यह बैठक छात्र और किसान संगठनों के संभावित संयुक्त अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम मानी जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

