हंगामे के बीच राज्यसभा 2 बजे तक के लिए स्थगित
नई दिल्ली । संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित रही। लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई तथा राम मंदिर दान में कथित चोरी व अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार जारी हंगामे के बीच प्रश्नकाल नहीं चल सका और पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
उधर, राज्यसभा में भी विपक्ष ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया। विपक्षी दलों ने गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी और इस विषय पर उनका बयान देने की मांग की। विपक्ष के लगातार विरोध और शोर-शराबे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही भी सुचारु रूप से नहीं चल सकी और उसे दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
संसद के मौजूदा सत्र में सरकार ने कुल आठ विधेयकों को सूचीबद्ध किया है। इनमें अब तक केवल दो विधेयक, वंदे मातरम विधेयक तथा पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) विधेयक, जिसका उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और कड़ी कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है, लोकसभा और राज्यसभा दोनों से पारित हो चुके हैं।
इसके अलावा जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, आयकर (संशोधन) विधेयक, एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, विदेशी अंशदान (एफसीआरए) संशोधन विधेयक तथा विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक अभी संसद की मंजूरी की प्रतीक्षा में हैं।
संसद के शुरुआती दिन से ही विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। लगातार हो रहे हंगामे के कारण विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जबकि सरकार लंबित विधेयकों को जल्द पारित कराने की तैयारी में है। विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मिलने तक उसका विरोध जारी रहेगा।

