इन्दौर में राहुल गांधी की छात्रों की गूंज को झूठ की गूंज के लगे होर्डिंग

इंदौर

पोस्टर, कांग्रेस पार्षद पहुंचे उतारने, उठाया सवाल

इन्दौर शहर कांग्रेस पार्टी में उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के विभिन्न चौराहों पर राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के पहले राहुल गांधी की तस्वीर वाले ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर और होर्डिंग लगे होने की जानकारी पहुंची। जानकारी मिलते ही कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया अपने साथियों के साथ अलग-अलग जगह पहुंचे और पोस्टर उतारने शुरू करते सवाल उठाया कि जब रातों-रात पूरे शहर में इस तरह के पोस्टर लगाए गए तो इंदौर नगर निगम के अधिकारी और उनकी टीम कहां थी? ये पोस्टर मुख्य रूप से गीता भवन चौराहे , पलासिया चौराहे, बंगाली चौराहे, खजराना चौराहे, वर्ल्ड कप चौराहे, किला मैदान चौराहे , महेश गार्ड लाइन पर लगाएं गये थे जिन पर बड़े अक्षरों में उपर ‘झूठ की गूंज’ और नीचे ‘होगी सत्य की विजय’ लिखा है। राहुल गांधी की तस्वीर के साथ उनके ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रमों में किए गए दावों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पोस्टर पर ‘इन रैलियों के 40 दावों का फैक्टचेक किया’ लिखा गया है। साथ ही QR कोड और jhoothkigoonj.com वेबसाइट का नाम दिया गया है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया को आज सुबह सबसे पहले इन पोस्टरों के शहर में लगाए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद वे अपने साथियों के साथ अलग-अलग स्थानों पर पहुंचे और पोस्टर हटाने की कार्रवाई शुरू की। भदौरिया ने इन पोस्टरों को अवैध रूप से लगाया गया बताते हुए नगर निगम पर सवाल उठाए है। उनका कहना है कि यदि पोस्टर लगाने की अनुमति नहीं थी तो रातों-रात शहर के कई हिस्सों में इतने बड़े पैमाने पर पोस्टर कैसे लगा दिए गए। उन्होंने सवाल किया कि नगर निगम की टीम रात में क्या कर रही थी और शहर में सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जा रहे पोस्टरों की निगरानी कौन करता है।
पोस्टर पर 40 दावों के फैक्ट-चेक का दावा –
पोस्टर पर राहुल गांधी की तस्वीर के साथ ‘इन रैलियों के 40 दावों का फैक्टचेक किया’ लिखा है। QR कोड स्कैन करने पर jhoothkigoonj.com वेबसाइट का लिंक मिलता है। वेबसाइट पर राहुल गांधी की कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में हुई रैलियों में किए गए दावों की जांच का दावा किया गया है।
वेबसाइट के मुताबिक इन दावों की जांच के लिए 169 स्रोतों का इस्तेमाल किया गया है। इनमें सरकारी वेबसाइट, संसद से जुड़ी जानकारी और समाचार स्रोतों का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है। वेबसाइट कुछ दावों को गलत और कुछ को भ्रामक बताती है। ये वेबसाइट के अपने फैक्ट-चेक निष्कर्ष हैं।
पोस्टर किसने लगाए, आधिकारिक पुष्टि नहीं –
इन पोस्टरों पर किसी राजनीतिक दल या संगठन का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है। इसलिए पोस्टर किसने लगवाए, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। हालांकि, पोस्टरों में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और उनके पूर्व के बयानों को सीधे निशाना बनाया गया है।