-बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल की कुछ टिप्पणियों पर हुई कार्रवाई
नई दिल्ली । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की कार्यवाही से जुड़ा एक दुर्लभ निर्णय लेते हुए पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्यवाही संचालित कर रहे भाजपा सांसद जगदंबिका पाल की कुछ टिप्पणियों को सदन के आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया है। संसदीय परंपराओं के लिहाज से इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 पर चर्चा और पारित होने से पहले लोकसभा की कार्यवाही के दौरान पीठासीन अधिकारी के रूप में जगदंबिका पाल ने समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा और कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल के संदर्भ में कुछ टिप्पणियां की थीं। बाद में लोकसभा अध्यक्ष ने इन टिप्पणियों को कार्यवाही के आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दिया।
बताया गया है कि उस समय विपक्षी सांसद छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान कार्यवाही में व्यवधान को लेकर पीठासीन अधिकारी ने कुछ टिप्पणियां की थीं। कांग्रेस सांसदों ने इन टिप्पणियों को राजनीतिक प्रकृति का बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत की थी और उन्हें रिकॉर्ड से हटाने की मांग की थी। शिकायत पर विचार करने के बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने संबंधित टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाने का निर्णय लिया। संसदीय मामलों के जानकारों का मानना है कि सदन की कार्यवाही से पीठासीन अधिकारी की टिप्पणियों को हटाने की घटनाएं सामान्यतः कम देखने को मिलती हैं। ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष का होता है, जो संसदीय नियमों और परंपराओं के अनुरूप लिया जाता है।

