मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में बारिश का अलर्ट किया जारी
देहरादून । उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के बाद शुक्रवार को मौसम सामान्य है। ऋषिकेश में जल भरते समय दिल्ली से आया कांवड़िया बह गया, जिसे घाट पर तैनात एसडीआरएफ के हेड कांस्टेबल ने छलांग लगाकर बाहर निकाला। चमोली में लैंडस्लाइड से देवाल-वाण सड़क पिछले 24 घंटे से बंद है। रास्ते में मलबा आने के कारण पोकलैंड मशीन के बकेट में बैठाकर बच्चों को स्कूल पहुंचाया जा रहा है। टिहरी में सुबह दो जगह भूस्खलन हुआ। नरेंद्रनगर-रानीपोखरी और हिंडोलाखाल के पास पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिरने से सड़कें कुछ समय के लिए बंद रहीं, जिन्हें बाद में खोल दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिथौरागढ़ के धारचूला में काली नदी खतरे के निशाने से ऊपर बह रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिर सकती है। खराब मौसम के चलते रुद्रप्रयाग में 12वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं प्रदेश के 10 जिलों में 132 सड़कें बंद हैं। गंगोत्री हाईवे हेलगुगाड़, नालूपानी व गंगनानी के पास तथा यमुनोत्री हाईवे दुर्बिल व स्यानाचट्टी के पास मलबा आने से बंद था, जो अब खोल दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक हरिद्वार के लक्सर में बालावाली गंगा का टूटा तटबंध अब 12 गांवों के लिए खतरा बना हुआ है। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि और खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हैं। पिथौरागढ़ में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर मलघटिया के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण यातायात प्रभावित हुआ और यात्री फंस गए। टिहरी के घनसाली में भूस्खलन से एक कार मलबे में दब गई, जबकि आसपास के मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। हरिद्वार के ज्वालापुर में बारिश के दौरान एक विशाल पेड़ वाहनों पर गिर गया। लगातार बारिश से अलकनंदा, भागीरथी, मंदाकिनी, गंगा, यमुना और शारदा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हरिद्वार में गंगा चेतावनी स्तर के आसपास बह रही है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में प्रशासन नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। रुद्रप्रयाग में लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को चेतावनी दी जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

