प्रियंका गांधी के सामने भाजपा सांसद ने लगाए ‘राहुल गांधी शर्म करो’ के नारे

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झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर संसद परिसर में सत्ता पक्ष-विपक्ष आए आमने-सामने
नई दिल्ली । झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर मंगलवार को संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव और तेज हो गया। एनडीए सांसदों के विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद मुकेश दलाल और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का आमना-सामना हो गया। इस दौरान दलाल ने ‘राहुल गांधी शर्म करो, शर्म करो’ के नारे लगाए।
भाजपा सांसद मुकेश दलाल के हाथ में ‘झारखंड में छात्रों पर हुई निर्दयता पर राहुल गांधी जवाब दो’ लिखा पोस्टर था। प्रियंका गांधी जब संसद की ओर जा रही थीं, तभी दोनों नेताओं के बीच यह घटनाक्रम हुआ। प्रियंका गांधी ने भाजपा सांसद के आरोपों पर कहा कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों से मिल चुके हैं। इसके बाद वह मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गईं।
प्रियंका ने अमित शाह से बयान की मांग की
प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में एनडीए सांसदों के प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहली बार सत्तापक्ष के सांसदों को प्रदर्शन करते देखा है। प्रियंका ने तंज कसते हुए कहा कि कम से कम विपक्ष ने उन्हें प्रदर्शन करने के लिए मजबूर तो किया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में आकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर बयान देने की भी मांग की। प्रियंका का कहना था कि सरकार को इस मामले पर सदन में जवाब देना चाहिए।
भाजपा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
भाजपा सांसद मुकेश दलाल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि वह झारखंड कब गए। उन्होंने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के झारखंड नहीं जाने पर भी सवाल उठाया। दलाल के मुताबिक, प्रियंका गांधी ने उनसे कहा था कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं, जिस पर उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं गए। भाजपा नेता अरुण सिंह ने भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस की सरकार है और वहां युवाओं की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई हुई है, ऐसे में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को वहां जाकर छात्रों से मिलना चाहिए।
कंगना रनौत बोलीं- चर्चा से अब विपक्ष भाग रहा
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने संसद में जारी गतिरोध को लेकर विपक्ष पर आरोप लगाया कि पहले विपक्ष चर्चा की मांग को लेकर हंगामा कर रहा था, लेकिन अब जब चर्चा की संभावना बनी है तो वह उससे बच रहा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि विपक्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सुनना ही नहीं चाहता तो सदन कैसे चलेगा।