-पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक तेज बहाव की धाराओं का खतरा
नई दिल्ली । देश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे अगले 48 घंटों में 19 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को देश के कई हिस्सों में बहुत भारी का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर यूपी, बिहार, झारखंड और पहाड़ी राज्यों तक मौसम का मिजाज बदल सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। आईएमडी के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र इस बारिश को ताकत दे रहा है। इसके साथ ही मानसून टर्फ राजस्थान, मध्य प्रदेश, यूपी, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
मौसम का बड़ा फैक्टर बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया सिस्टम है। आईएमडी के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। अगर यह सिस्टम मजबूत रहता है, तो पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का दौर आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। सबसे ज्यादा चिंता पूर्वी राजस्थान को लेकर है, जहां कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात और ओडिशा में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, कानपुर, बहराइच, बलरामपुर, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, रामपुर, उन्नाव, प्रयागराज, देवरिया और गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है, जहां हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार और झारखंड में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चलेगा। दिल्ली-एनसीआर में भी भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है, इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में भूस्खलन और अचानक तेज बहाव वाली धाराओं का खतरा बढ़ सकता है। मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल समेत कई राज्यों में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में मूसलाधार बारिश से जलभराव, ट्रैफिक जाम और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के ढांचे प्रभावित होने का भी खतरा है। मौसम की इन बदलती परिस्थितियों को देखते हुए, लोगों को घर से निकलने से पहले सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन या मौसम विभाग की आधिकारिक सूचना पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। कमजोर ढांचों और पेड़ों से दूर रहना सुरक्षित रहेगा।

