:: स्वतंत्रता दिवस पर डॉ. मोहित भंडारी की टीम ने 14 घंटे में की 51 रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी; 30 पुरुष और 21 महिलाएं शामिल ::
इंदौर । छह रोबोटिक सिस्टम, 51 मरीज और करीब 14 घंटे का सर्जिकल अभियान। स्वतंत्रता दिवस पर इंदौर में रोबोटिक बैरिएट्रिक (वजन घटाने वाली) सर्जरी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि सामने आई। बैरिएट्रिक एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी की अगुवाई में ‘सर्जिकल स्वराज’ पहल के तहत एक ही दिन में 51 मरीजों की रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी की गई। इसके लिए छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम के साथ डॉक्टरों, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और सपोर्ट टीम ने समन्वय के साथ काम किया।
:: 51 मरीजों में 30 पुरुष, 21 महिलाएं ::
सर्जरी कराने वाले 51 मरीजों में 30 पुरुष और 21 महिलाएं शामिल थीं। मरीजों की औसत उम्र 43.6 वर्ष रही। सबसे कम उम्र 21 और सबसे अधिक 77 वर्ष थी। मरीजों का औसत वजन 122 किलो बताया गया।
डॉ. भंडारी की टीम के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में सर्जरी के लिए मरीजों की स्क्रीनिंग, ऑपरेशन थिएटर की तैयारी, एनेस्थीसिया, रोबोटिक सिस्टम की उपलब्धता, सर्जिकल टीम और ऑपरेशन के बाद की देखभाल की व्यवस्था पहले से की गई थी।
:: छह रोबोट… अलग-अलग टीमें, एक लक्ष्य ::
इस पहल की सबसे खास बात एक साथ छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का इस्तेमाल रही। सर्जरी के दौरान सर्जिकल टीमों के साथ एनेस्थीसिया और नर्सिंग टीमों ने समन्वय किया, जबकि तकनीकी टीम ने रोबोटिक सिस्टम के संचालन और सपोर्ट की जिम्मेदारी संभाली।
‘सर्जिकल स्वराज’ टीम के मुताबिक, पहल का उद्देश्य सिर्फ ऑपरेशन की संख्या बढ़ाना नहीं था। इसके जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मेडिकल टीम, सटीक योजना और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए भारत में बड़े पैमाने पर एडवांस्ड सर्जरी की जा सकती है।
:: डॉ. भंडारी बोले- संख्या नहीं, क्षमता दिखाना मकसद ::
डॉ. मोहित भंडारी ने कहा, “सर्जिकल स्वराज का मकसद सिर्फ बड़ी संख्या में सर्जरी करना नहीं है। टेक्नोलॉजी, टीमवर्क, सटीक प्लानिंग और क्लिनिकल उत्कृष्टता के जरिए भारतीय हेल्थकेयर क्या हासिल कर सकता है, यह दिखाना इसका उद्देश्य है।”
उन्होंने कहा कि छह रोबोटिक सिस्टम का समन्वित इस्तेमाल भारतीय सर्जिकल इकोसिस्टम की क्षमता को दर्शाता है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस पहल को मेडिकल टेक्नोलॉजी और स्वास्थ्य सेवाओं में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की यात्रा से भी जोड़ा गया।
:: 40 हजार से ज्यादा बैरिएट्रिक सर्जरी का दावा ::
डॉ. भंडारी की टीम द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, वे अब तक 40 हजार से अधिक बैरिएट्रिक सर्जरी कर चुके हैं। उनके संस्थान ‘मोहक बैरिएट्रिक्स एंड रोबोटिक्स’ को एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में सबसे अधिक बैरिएट्रिक सर्जरी करने वाले केंद्र के रूप में मान्यता मिलने का भी दावा किया गया है।
:: मोटापे के इलाज में रोबोटिक सर्जरी ::
बैरिएट्रिक सर्जरी गंभीर मोटापे और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में इस्तेमाल की जाती है। रोबोटिक तकनीक मिनिमली इनवेसिव सर्जरी में सर्जन को बेहतर विजुअलाइजेशन और उपकरणों पर सूक्ष्म नियंत्रण उपलब्ध करा सकती है।
हालांकि सर्जरी का परिणाम केवल रोबोटिक तकनीक पर निर्भर नहीं करता। मरीज का उचित चयन, सर्जन का अनुभव, एनेस्थीसिया, संक्रमण नियंत्रण और ऑपरेशन के बाद की निगरानी भी उपचार के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
:: स्वतंत्रता दिवस पर आत्मनिर्भर हेल्थकेयर का संदेश ::
‘सर्जिकल स्वराज’ को मेडिकल इनोवेशन, रोबोटिक तकनीक और आत्मनिर्भर हेल्थकेयर से जोड़ा गया है। टीम के मुताबिक अत्याधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों और मजबूत मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भारत बड़े पैमाने पर आधुनिक सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
एक दिन में 51 रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी का यह अभियान इंदौर को रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में चर्चा के केंद्र में लाता है। हालांकि इसे विश्व रिकॉर्ड या वैश्विक स्तर की सर्वोच्च उपलब्धि के रूप में स्थापित करने के लिए स्वतंत्र रिकॉर्ड-सत्यापन जरूरी होगा।
फिलहाल ‘सर्जिकल स्वराज’ ने इंदौर से यह संदेश जरूर दिया है कि अत्याधुनिक सर्जरी में तकनीक के साथ विशेषज्ञता, टीमवर्क और सटीक प्रबंधन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

