पीएम सूर्य घर योजना में गुजरात का डंका, देश में सबसे आगे

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7.98 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के साथ गुजरात नंबर-1, केंद्र से मिली रु. 5,792 करोड़ की सब्सिडी
अहमदाबाद (ईएमएस)। देश के हर घर तक स्वच्छ और सस्ती बिजली पहुंचाने की दिशा में केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। योजना के तहत देशभर में अब तक 50 लाख से अधिक परिवारों के घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इनमें से लाखों परिवारों का बिजली बिल शून्य तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि रूफटॉप सोलर अपनाने के मामले में गुजरात देशभर में पहले स्थान पर है।
हाल ही में राज्यसभा में सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में 15 अगस्त तक 11.80 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 7.98 लाख से अधिक सोलर इंस्टॉलेशन के साथ राज्य देश में पहले पायदान पर है। गुजरात में लगाए गए रूफटॉप सोलर सिस्टम की कुल क्षमता 2,990.95 मेगावाट तक पहुंच गई है। वहीं, केंद्र सरकार की सब्सिडी का लाभ लेने के मामले में भी गुजरात सबसे आगे है और राज्य को अब तक रु. 5,792.32 करोड़ की सब्सिडी मिल चुकी है।

  • देश में यूपी दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर
    रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में उत्तर प्रदेश 7.54 लाख इंस्टॉलेशन के साथ दूसरे और महाराष्ट्र 7.29 लाख इंस्टॉलेशन के साथ तीसरे स्थान पर है। उत्तर प्रदेश को केंद्र सरकार से करीब रु. 4,964 करोड़, जबकि महाराष्ट्र को रु. 5,229 करोड़ की सब्सिडी प्राप्त हुई है।
  • देशभर में 76.43 लाख से ज्यादा आवेदन
    पीएम सूर्य घर योजना के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 तक देशभर से 76.43 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 43.48 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं और 51.88 लाख से अधिक परिवारों को योजना का लाभ मिला है। योजना के तहत केंद्र सरकार अब तक रु. 29,037 करोड़ से अधिक की सब्सिडी जारी कर चुकी है।
    हर घर को मिल सकती है 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली
    केंद्र सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में इस योजना की घोषणा की थी। रु. 75,000 करोड़ से अधिक के निवेश वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य करीब एक करोड़ परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है।
    योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को अधिकतम रु. 78,000 तक की सब्सिडी दी जाती है। वहीं, आरडब्ल्यूए के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार प्रति घर अधिकतम रु. 18,000 प्रति किलोवाट तक सहायता का प्रावधान है। पूर्वोत्तर राज्यों तथा सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त 10 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है।
  • गुजरात में सूरत सबसे आगे
    गुजरात में पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने के मामले में सूरत जिला सबसे आगे है। सूरत में रूफटॉप सोलर के लिए 1.34 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और 97,045 इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं। इसके बाद अहमदाबाद 91,087 इंस्टॉलेशन के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं राजकोट में 87,594 और वडोदरा में 65,896 इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए हैं।
  • 50 लाख घरों की छतों पर पहुंचा सूरज
    गत 4 अगस्त को पीएम सूर्य घर योजना के तहत देश में 50 लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाने की उपलब्धि हासिल हुई। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सूर्य अब 50 लाख भारतीय घरों को बिजली दे रहा है। उन्होंने बताया कि 19 लाख से अधिक परिवार पहले ही शून्य बिजली बिल दर्ज कर रहे हैं।
    योजना का प्रभाव केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। 25,000 से अधिक केंद्र सरकार की इमारतों और 81,000 से अधिक राज्य सरकार की इमारतों पर भी रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं।
  • गुजरात को मिला देश में नंबर-1 का गौरव
    पीएम सूर्य घर योजना के आधिकारिक एक्स हैंडल से 12 अगस्त को गुजरात को रूफटॉप सोलर अपनाने के मामले में देश में प्रथम स्थान हासिल करने की जानकारी साझा की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2024 को इस योजना की घोषणा की थी।
    योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को एकमुश्त निर्धारित सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है। इसके अलावा लाभार्थी रियायती दर पर बैंक ऋण के लिए भी पात्र हैं। योजना को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है और शहरी स्थानीय निकायों तथा पंचायतों को अपने क्षेत्रों में रूफटॉप सोलर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
    सरकार का उद्देश्य रूफटॉप सोलर के माध्यम से परिवारों के बिजली खर्च को कम करने, आय के नए अवसर पैदा करने और रोजगार बढ़ाने के साथ भारत को स्वच्छ एवं ऊर्जा-सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाना है।