:: एनडीडीबी के साथ समझौता; किसानों को दूध के दाम 8-10 रुपये प्रति लीटर अधिक मिलने की बात कही ::
भोपाल/इंदौर । मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार हर साल एक लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने की योजना जल्द लागू करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ हुए समझौते के जरिए मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने रवींद्र भवन में आयोजित कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम में कहा कि सरकार के प्रयासों से किसानों को दूध के दाम में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर अधिक मिलने लगे हैं। उन्नत नस्ल उपलब्ध कराने के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कृषि विद्यार्थियों और युवाओं से नई तकनीक और नवाचार अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों से आय के नए स्रोत विकसित किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को कृषि की नई तकनीक, प्राकृतिक एवं जैविक खेती और कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ने के लिए जिला और संभाग स्तर पर कृषि नवाचार संवाद आयोजित किए जाएंगे। अगले पांच वर्ष में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य भी बताया।
कार्यक्रम में कृषि विद्यार्थियों, किसानों, कृषि स्टार्टअप प्रतिनिधियों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले युवाओं ने मुख्यमंत्री से संवाद किया। उद्यानिकी, मशरूम, एवोकाडो, सोना मोती गेहूं, पॉलीहाउस, मधुमक्खी पालन और कृषि तकनीक आधारित एप सहित विभिन्न नवाचारों पर चर्चा हुई।

