दतिया । दतिया उपचुनाव के लिए डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा का टिकट क्यों काटा इस बात से नाराज नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने शुक्रवार को नेशनल हाईवे पर कब्जा कर लिया था रात भर पुलिस ने सहा पर जब जाम में फंसे लोगों का गुस्सा फूटने लगा तो दतिया से लेकर ग्वालियर तक की पुलिस को एक्शन में आना पड़ा और आज शनिवार की सुबह जब दतिया पुलिस ने नेशनल हाईवे नंबर 44 को दतिया से लेकर डबरा तक रोके खड़े लोगों पर अश्रु गैस दागी, लाठियां भांजी तब जाकर सुबह सात बजे चक्का जाम खुला। एस पी श्री खंडेलवाल ने कहा, आज शनिवार की सुबह हमें रास्ता खुलवाने के लिए अश्रु गैस के गोले दागने पड़े। हल्की केन पुसिंग भी करनी पड़ी पर मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जाम खुलवाने के लिए पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी और नेशनल हाईवे रोककर बैठ और सुबह होते ही नरोत्तम के हजारों समर्थकों को नेशनल हाईवे से ऐसा खदेड़ा कि वे खेतों को फांदते हुए भागते हुए नजर आए। इस बीच पथराव में एसपी, एसडीओपी और आठ पुलिसकर्मी घायल होने की खबर है | सुबह करीब सात बजे नेशनल हाईवे वाहनों की आवाजाही के खुला। हाईवे फिर से जाम ना हो, इसके लिए काफी संख्या में फोर्स तैनात है। ग्वालियर से लेकर दतिया तक पुलिस हाई अलर्ट पर है। उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को दतिया से टिकट दिया है। हालांकि पुलिस ने आज सुवह जाम तो खुलवा दिया पर नरोत्तम मिश्रा समर्थकों का गुस्सा कम नहीं हुआ है। वे सड़कों के आसपास जमे हैं और उनका ऐलान है कि जब तक नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलता वे सड़कों से नहीं हटेंगे।
चूंकि मामला काफी संवेदनशील था। प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से जुड़ा था। बीजेपी से ही जुड़ा हुआ था, इसलिए पुलिस काफी फूंक-फूंककर कदम उठा रही थी। भोपाल में बैठे आला पुलिस अफसर भी रात भर जागते रहे और पल-पल की खबर सरकार को देते रहे। इसी क्रम में पूरी रात गुजर गई और नेशनल हाईवे पर वाहनों की कतार लगती गई। बसें भी फंस गई। छोटे वाहन भी फंस गए। ट्रकों की भी लंबी-लंबी कतार लग गई। स्थिति यह थी कि ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे पूरी तरह से ठप था।
डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा टिकट मिलने को लेकर कितने आश्वस्त थे इसका अंदाजा इसी है बात से लगाया जा सकता है कि जिन-जिन इलाकों में 2023 के चुनाव में उन्हें कम वोट मिले, वहां उन्होंने खास फोकस कर रखा था।
डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा के समर्थक तो कह चुके हैं कि वे आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। टिकट तो सिर्फ नरोत्तम का ही मंजूर होगा। इसके अलावा कोई स्वीकार नहीं उधर इस पूरे एपीसोड पर नरोत्तम मिश्रा का कोई रिएक्शन नहीं है। कि सूचना मिलने के बाद से ही वे अपने गृहनगर डबरा पहुंच गए और सिर्फ अपनी कोर टीम के लोगों से ही मुलाकात कर रहे हैं।

