काठमांडू । नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। लेन्दे खोला (भोटेकोशी नदी) में उफान से टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा है। आपदा में अब तक 16 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 105 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबर है। स्थिति की गंभीरता को देखकर बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है, जिसमें 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। बाढ़ के तेज बहाव में कई वाहन और अन्य सामान बह गए हैं। कुल 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनके बांध, विद्युतगृह, पहुंच मार्ग और अन्य बुनियादी ढांचे को व्यापक क्षति पहुंची है। काठमांडू ट्रैफिक पुलिस ने एहतियात के तौर पर काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ जाने वाले वाहनों की आवाजाही को रोक दिया है। बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने बताया कि बुसी और तुसु जैसे प्रभावित इलाकों से 25 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। कुल 15 हेलीकॉप्टरों में से 7 नेपाली सेना के और 8 अन्य एजेंसियों के हैं, जो बचाव अभियान में लगे हैं। घायलों के उपचार के लिए मछली ट्रेनिंग कैंप में एक मेडिकल सेंटर स्थापित किया गया है, और प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल व बचाव टीमें तैनात की गई हैं। स्थानीय अधिकारियों और नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बाढ़ के खतरे को लेकर पहले ही अलर्ट कर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि सेना और मेडिकल टीमें फिलहाल बचाव कार्य पर केंद्रित हैं, और मृतकों व घायलों की सटीक संख्या का आकलन अभी जारी है। व्यापक नुकसान का विस्तृत आकलन स्थलीय निरीक्षण के बाद ही किया जा सकेगा।
इस बीच, नेपाल में आई इस बाढ़ के मद्देनजर बिहार में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। गंडक नदी में संभावित फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई बैठक में पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

