: ये फितूर तेरा में सौम्या का सफर अब एक ऐसे पड़ाव पर पहुँच रहा है, जहाँ उसके लिए आगे बढ़ना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल और भावुक होने वाला है। जीत के साथ उसका रिश्ता जहाँ दर्शकों का दिल जीत रहा है, वहीं हाल के ट्रैक में सौम्या के डर के पीछे छिपी दर्दनाक सच्चाई भी सामने आ रही है। सालों से खुद को पीछे रखने और चुप रहने वाली सौम्या अब उन यादों का सामना करने की ओर बढ़ रही है, जिन्होंने उसकी पूरी जिंदगी को प्रभावित किया है। जैसे-जैसे वह अपने अतीत के करीब पहुँच रही है, उसकी कहानी में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जहाँ वह अपनी आवाज़ उठाना, अपने लिए खड़ा होना और अपने दर्द के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का सामना करना सीखेगी। सौम्या का किरदार निभा रहीं देबचंद्रिमा ने कहा, “सौम्या के किरदार की एक बात मुझे बहुत पसंद है कि वह आज उन महिलाओं के लिए आवाज़ उठा रही है, जो कभी चुप रहीं या अपनी बात कहने से डरती थीं। कहीं न कहीं, वह उन महिलाओं की आवाज़ बन रही है, जिन्हें अपनी बात कहने का मौका नहीं मिल पाया।

