इंदौर के 6906 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए मिले 17.26 करोड़

इंदौर

:: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से अंतरित किए 25-25 हजार रुपये, सांवेर के 436 विद्यार्थियों को भी लाभ ::
इंदौर । इंदौर जिले के 6906 मेधावी विद्यार्थियों के खातों में मंगलवार को लैपटॉप खरीदने के लिए 17 करोड़ 26 लाख 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि पहुंची। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की। योजना के तहत प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 25 हजार रुपये मिले हैं।
प्रदेशभर में करीब 1.22 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि मिली। सांवेर विधानसभा क्षेत्र के 436 विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ मिला। इनके खातों में कुल एक करोड़ नौ लाख रुपये अंतरित किए गए।
:: सफलता में विनम्र रहें, असफलता से सीखें ::
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता केवल अच्छे अंक या प्रमाण-पत्र हासिल करने में नहीं, बल्कि संस्कार, विनम्रता, अनुशासन और व्यक्तित्व में निहित है। सफलता मिलने पर अहंकार नहीं करना चाहिए और असफलता से निराश होने के बजाय उसके कारणों को समझकर उससे सीख लेनी चाहिए। संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प से ही सफलता हासिल होती है।
उन्होंने लैपटॉप को ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं का प्रवेश-द्वार बताते हुए विद्यार्थियों से इसका उपयोग ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लाइब्रेरी, शोध और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में करने का आह्वान किया।
:: अब तक साढ़े छह लाख विद्यार्थियों को 1620 करोड़ ::
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत अब तक करीब साढ़े छह लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 1620 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले तीन वर्षों से प्रवेश दर बढ़ रही है और करीब 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा को प्रदेश के भविष्य में निवेश मानकर काम कर रही है। वर्ष 2026-27 के बजट में स्कूल शिक्षा के लिए 36 हजार 730 करोड़, उच्च शिक्षा के लिए 4247 करोड़ तथा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार के लिए 2932 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए। सरकार विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तक, गणवेश, साइकिल, छात्रवृत्ति, लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।