गुरुग्राम हिट-एंड-रन जैसे मामलों पर पूर्व आईपीएस की राय
नई दिल्ली । गुरुग्राम में हुए हालिया हिट-एंड-रन मामले पर अपनी राय रखते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने कहा है कि ऐसे लोगों के मन में डर पैदा करना बेहद ज़रूरी है। उनका मानना है कि जब लोग गाड़ी चलाते समय लापरवाही या जानबूझकर ऐसी खतरनाक हरकतें करते हैं, तो उन्हें इसके गंभीर नतीजों से डरना चाहिए, जैसे गाड़ी और लाइसेंस छिन जाना, हथकड़ी लगना, जेल जाना, सज़ा भुगतना, भारी जुर्माना भरना और सबके सामने बेइज़्ज़ती होना। यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि आरोपी आदमी एक महिला को अपने साथ तेज रफ्तार में चलते हुए बर्दाश्त नहीं कर सका। उसे यह बात पसंद नहीं आई कि एक महिला उसके साथ बराबरी कर रही है, और अपना दबदबा दिखाने के लिए उसने महिला का रास्ता काटा। अगर लड़की की मोटरसाइकिल पर कैमरा नहीं होता, तो शायद हमें इस घटना के बारे में कभी पता ही नहीं चलता।
किरण बेदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसी हरकतें होती रही हैं और होती रहेंगी, जब तक कि हम डर को नहीं बढ़ाते। उन्होंने कहा कि इन लोगों में डर की कमी है, और हमें यह डर पैदा करना पड़ेगा। लेकिन सवाल यह है कि डर पैदा कैसे करें? बेदी के अनुसार, हमें ऐसे लोगों को पकड़ने की संभावनाओं को बढ़ाना होगा, जिसका मतलब है कि अब हमें तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करना पड़ेगा। जैसे आजकल कैमरे हमें अपराधों को सुलझाने में मदद कर रहे हैं। अभी सामान्य अपराध के लिए ट्रैफिक पुलिस कैमरे का उपयोग कर रही है, नंबर नोट करती है और घर पर ई-चालान आ रहा है। लोगों को डर हो रहा है कि कैमरा पकड़ लेगा। हाईवे पर स्पीड की समस्या है, हमें यहां भी कैमरे लगाने होंगे। किरण बेदी ने बताया कि अमेरिकन पुलिस यही करती है; उनके पास इंटरसेप्टर्स होते हैं जो पीछे से आते हैं और पता भी नहीं चलता। वे तुरंत हथकड़ी लगाते हैं ताकि अपराधी कोई हरकत न कर पाए। उसके बाद उसकी गाड़ी, उसकी चाबी, उसका लाइसेंस सब ले जाते हैं। फिर पूछते हैं कि अब बताओ, तुम कैसे कर रहे हो ये हरकत? उन्होंने कहा कि जब तक हम डर नहीं बढ़ाएंगे, ऐसी हरकतें होती रहेंगी। ये डरे हुए नहीं हैं, इसीलिए तो अपनी मनमर्जी करते हैं। गुरुग्राम वाले मामले में एक बात तो साफ है कि वह आदमी औरत को बर्दाश्त नहीं कर सका। उसे पसंद नहीं आया कि एक औरत उसके साथ बराबरी करे, उसे लगा मैं आदमी हूं, तू कौन है। यहां मानसिकता वाली बात है। उसे लगा कि एक औरत कैसे उसकी बराबरी कर सकती है।

