76 साल के मोदी की जिंदगी के वो पड़ाव, जिन्होंने बदली कहानी

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नई दिल्ली । 17 सितंबर 2026 को नरेंद्र दामोदरदास मोदी 76 साल के हो जाएंगे। गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में 1950 में जन्मे मोदी का जीवन एक ऐसी असाधारण यात्रा की कहानी है, जिसमें एक छोटे शहर से निकला व्यक्ति धीरे-धीरे संगठन की सीढ़ियां चढ़ते हुए देश की सबसे बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी तक पहुंचा। उनकी कहानी को सिर्फ प्रधानमंत्री बनने से समझना अधूरा होगा; इसके पीछे वडनगर का बचपन, परिवार की चाय की दुकान पर काम का अनुभव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ गहरा जुड़ाव, भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारियां और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 साल का लंबा, परिवर्तनकारी दौर है। इन सभी पड़ावों ने मिलकर उस राजनीतिक सफर की नींव रखी, जिसका अगला पड़ाव 2014 में प्रधानमंत्री पद बना।
नरेंद्र मोदी का शुरुआती जीवन वडनगर में एक साधारण परिवार में बीता। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी के मुताबिक, उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की चाय की दुकान पर भी काम किया। यह वही दौर था जब वडनगर एक छोटे कस्बे के रूप में उनके जीवन का केंद्र था। बचपन का यह अनुभव बाद में मोदी की सार्वजनिक छवि का एक अहम हिस्सा बना। उनकी किशोरावस्था और युवावस्था में उनका झुकाव सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों की ओर बढ़ा। मोदी के राजनीतिक जीवन में आरएसएस का दौर एक बड़ा मोड़ माना जाता है। उन्होंने अहमदाबाद में आरएसएस की गतिविधियों में हिस्सा लिया और 1972 में प्रचारक बने। संगठन के साथ काम करते हुए उन्होंने लंबे समय तक गुजरात में जमीनी स्तर पर काम किया, जिसने उनकी संगठनात्मक क्षमता को निखारा और आगे चलकर उनकी राजनीतिक यात्रा में काम आया। बीजेपी के साथ उनकी सक्रिय राजनीतिक भूमिका बढ़ती गई और गुजरात की राजनीति में उनका कद मजबूत होता गया। नरेंद्र मोदी के जीवन का सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ 7 अक्टूबर 2001 को आया, जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उस समय गुजरात 2001 के विनाशकारी भूकंप सहित कई चुनौतियों से गुजर रहा था। मोदी मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे, जो किसी भी मुख्यमंत्री के रूप में राज्य में उनका सबसे लंबा कार्यकाल रहा।
2014 का लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन का निर्णायक अध्याय बना। बीजेपी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया और उनके नेतृत्व में पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला। 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, और वे आजाद भारत में जन्म लेने वाले पहले प्रधानमंत्री भी बने। वडनगर से शुरू हुई उनकी कहानी अब राष्ट्रीय सत्ता के केंद्र दिल्ली तक पहुंच चुकी थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर उनके नेतृत्व में पूर्ण बहुमत हासिल किया और नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2024 का लोकसभा चुनाव आया, जिसके बाद 9 जून 2024 को नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, जो उनके राष्ट्रीय राजनीतिक सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव था। 17 सितंबर 2026 को नरेंद्र मोदी 76 साल के हो जाएंगे, लेकिन उनके लिए यह जन्मदिन सिर्फ उम्र का एक आंकड़ा नहीं है। अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर अब तक सरकार के मुखिया के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन को 25 साल पूरे होने का दौर भी चल रहा है।