चुनाव पैसे के दम पर लड़े जाते हैं, प्रचार करते हैं ऑडी और बीएमडब्ल्यू से

देश-विदेश

-सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने लगाए आरोप, राहुल गांधी का किया समर्थन
नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि चुनाव पैसे के दम पर लड़े जाते हैं। उन्होंने हाल ही में हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि प्रचार करने वाले लोग लग्ज़री कारों में आते हैं। हाल ही में सीजेपी के नेतृत्व में हुए जेन ज़ेड विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए छात्र संघ चुनावों में आरएसएस से जुड़ी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने सेंट्रल पैनल के चार में से तीन पदों पर जीत हासिल की। वहीं एनएसयूआई को एक भी पद नहीं मिला है।
दिपके ने कहा कि चुनावों में सिर्फ़ पैसा ही काम आता है और कुछ नहीं। डीयू में प्रचार करने वाले लोग रॉल्स रॉयस गाड़ी में आते हैं, जिसकी कीमत करोड़ों रुपए होती है। वे ऑडी और बीएमडब्ल्यू BMW में आते हैं। तो वहां पैसा ही काम करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों में नियुक्तियों और कामकाज पर विचारधारा का असर पड़ रहा है। उन्होंने इस मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की बात का समर्थन किया।
दिपके ने दावा किया कि महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर कुमुद शर्मा आरएसएस की विचारधारा से जुड़ी हैं और आरोप लगाया कि उनके पद संभालने के बाद से छात्रों के खिलाफ 50 से ज़्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र किसी बात का विरोध करते हैं, तो उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाता है, लेकिन जब एबीवीपी किसी बात का विरोध करती है या कोई गेट बंद करती है, तो उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं होती। यह संस्थानों को आरएसएस की शाखा बनाने का एक रोडमैप है।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के चेयरमैन विवेक भीमन्वार पर भ्रष्टाचार के कारण इस्तीफ़े की मांग कर रहे उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन पर दिपके ने कहा कि छात्रों का परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठ गया है। उन्होंने पूछा कि जब तक भीमन्वार इस्तीफ़ा नहीं देते, तब तक छात्र कैसे भरोसा कर सकते हैं कि परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से होंगी? उन्होंने कहा कि सीजेपी, पीपीएससी उम्मीदवारों के साथ मिलकर जल्द ही भीमन्वार इस्तीफ़ा दें नाम से एक ऑनलाइन अभियान शुरू करेगा। इस अभियान का मकसद आयोग के चेयरमैन पर लगे आरोपों, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ उनके संबंधों और उनके इस्तीफ़े की ज़रूरत के बारे में बताना होगा।