नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान शेयर बाजार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से दिए गए बयानों और चुनाव परिणाम के बाद बाजार में आई तेज गिरावट को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सवाल उठा दिए है। राहुल गांधी ने पूरे घटनाक्रम की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच करने की मांग की। उनका कहना था कि चुनाव परिणाम से पहले निवेशकों के बीच बाजार में तेजी की उम्मीद बनाई गई, जबकि चार जून को चुनाव नतीजों के शुरुआती रुझान सामने आते ही शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज हुई।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के उन बयानों का हवाला दिया था, जिसमें उन्होंने 19 और 28 मई को शेयर बाजार के रिकॉर्ड स्तर छूने की बात कही थी। इसी तरह उन्होंने शाह के 13 मई के एक साक्षात्कार का उल्लेख कर कहा था कि गृह मंत्री ने निवेशकों से चार जून से पहले शेयर खरीदने की बात कही थी और चुनाव परिणाम के बाद बाजार में तेजी की संभावना जाहिर की थी। राहुल गांधी ने इन बयानों और बाद में बाजार में हुई गतिविधियों को जांच के दायरे में लाने की मांग की थी।
लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल एक जून को सामने आए थे। इसके बाद तीन जून को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी दर्ज हुई और निफ्टी 50 तथा सेंसेक्स दोनों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे। रिपोर्ट अनुसार, एग्जिट पोल में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले गठबंधन की बड़ी जीत के अनुमान से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई थी। हालांकि, चार जून को वास्तविक चुनाव परिणामों के शुरुआती रुझानों में एग्जिट पोल से अलग तस्वीर सामने आने लगी। इसके बाद बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, उस दिन भारतीय शेयर बाजार में पांच प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी।
राहुल गांधी ने एग्जिट पोल के आसपास बड़े निवेशकों की गतिविधियों की जांच की जरूरत जाहिर की थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने शेयर बाजार को लेकर टिप्पणियां क्यों कीं और इन बयानों का निवेशकों के फैसलों पर क्या असर पड़ा। उन्होंने दोनों नेताओं के एक ही मीडिया समूह को दिए गए साक्षात्कारों को लेकर सवाल उठाए थे। इसके अलावा उन्होंने कथित विदेशी निवेशकों, एग्जिट पोल और भारतीय जनता पार्टी के बीच किसी संभावित संबंध की जांच की मांग की थी।
राहुल गांधी ने पूरे मामले को शेयर बाजार से जुड़ा बड़ा घोटाला बताकर जेपीसी जांच की मांग की थी। हालांकि, भाजपा ने उनके आरोपों को खारिज किया था। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि राहुल गांधी द्वारा बताए गए नुकसान का आंकड़ा शेयर बाजार के कुल बाजार मूल्यांकन में बदलाव से संबंधित था। उन्होंने दावा किया था कि वास्तविक कारोबार में भारतीय निवेशकों को लाभ भी हुआ था।

