‘ईगो’ आगे बढ़ने से रोकता है

मनोरंजन

मशहूर गीतकार हसरत जयपुरी के पोते आदिल जयपुरी ने अपने करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के तौर पर की थी। उन्होंने ‘लावारिस’ और ‘हद’ जैसी फिल्मों के साथ-साथ ‘ज़िंदगी तेरी मेरी कहानी’ और ‘शश… कोई है’ जैसे टीवी शो में काम किया है। आदिल खुलकर बोलते हैं कि काम मांगने वाले एक्टर्स को समाज किस नज़र से देखता है। उनका मानना है कि यह उनका ‘ईगो’ (अहंकार) ही है, जो कई प्रतिभाशाली लोगों को आगे बढ़ने से रोकता है।जब उनसे पूछा गया कि क्या ईगो की वजह से एक्टर्स मौके तलाशने से पीछे हटते हैं, तो उनका जवाब एकदम सीधा था। उन्होंने कहा, “बिल्कुल! मैंने ऐसे कई प्रतिभाशाली एक्टर्स को देखा है – जो अच्छे दिनों में मुझसे भी बेहतर काम कर सकते हैं – लेकिन वे घर पर ही बैठे रहते हैं। उन्हें डर होता है कि अगर उन्होंने सीधे किसी कास्टिंग डायरेक्टर को मैसेज कर दिया, तो ‘लोग क्या कहेंगे’।”