हिमाचल प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी 320 पीजी सीटें

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केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, 415 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा, शिमला को 91 सीटें
नई दिल्ली । हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने राज्य के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 320 नई स्नातकोत्तर (पीजी) मेडिकल सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की घोषणा की है। इस विस्तार के लिए केंद्र सरकार लगभग 415 करोड़ रुपये का अनुदान देगी।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है। नई सीटें बढ़ने से हिमाचल प्रदेश के युवाओं को अपने राज्य में ही विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, हिमाचल सरकार से इस संबंध में प्रस्ताव 23 जून को प्राप्त हुआ था। इसके बाद 6 अक्टूबर को एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री से भी इस विषय पर चर्चा हुई। अब केंद्र सरकार ने प्रस्तावित सभी 320 सीटों को मंजूरी दे दी है। नड्डा ने राज्य सरकार से इन्हें समय पर शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।
शिमला को सबसे ज्यादा 91 सीटें
स्वीकृत 320 सीटों में शिमला के लिए 91, टांडा और हमीरपुर के लिए 57-57, मंडी के लिए 55, नाहन के लिए 32 तथा चंबा के लिए 28 सीटें निर्धारित की गई हैं। इन सीटों से सर्जरी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग और कैंसर सहित विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। नड्डा ने बताया कि केंद्र सरकार ने देशभर में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए अगले पांच वर्षों में 15,000 करोड़ रुपये की लागत से 10,000 नई स्नातक और स्नातकोत्तर मेडिकल सीटें बढ़ाने की योजना को मंजूरी दी है। हिमाचल प्रदेश की 320 पीजी सीटें भी इसी योजना का हिस्सा हैं।
रेल और स्वास्थ्य परियोजनाओं में तेजी लाने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से चंडीगढ़-बद्दी और भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजनाओं में तेजी लाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में राज्य की हिस्सेदारी और भूमि से जुड़े लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाना चाहिए। इसके अलावा केंद्र के सहयोग से बन रहे क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स और जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का काम भी गति से पूरा करने की जरूरत है। नड्डा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विकास से जुड़े कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए। केंद्र सरकार चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रदेश को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।