तूफान अर्नब का तांडव: पेड़ उखड़े, सड़कें डूबीं, जनजीवन अस्त-व्यस्त

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हैदराबाद । आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बुधवार को तूफान अर्नब ने भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ भीषण विनाशलीला मचाई। अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा और कोनसीमा जैसे कई जिलों में पेड़ जड़ से उखड़ गए, बिजली की लाइनें टूट गईं और सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। समंदर में उठती दैत्य लहरों ने तटीय समुदायों में दहशत फैला दी है और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के बुधवार सुबह 6:30 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, तूफान अर्नब का केंद्र आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में लगभग एक ही जगह पर बना हुआ था। विभाग ने बताया कि लैंडफॉल की प्रक्रिया अगले दो घंटे तक जारी रहने का अनुमान था। उस समय तूफान नरसापुर से लगभग 30 किलोमीटर पूर्व में, यानम से करीब 45 किलोमीटर दक्षिण- दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से लगभग 70 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। तूफान की धीमी गति के कारण तटीय क्षेत्रों में खराब मौसम का असर लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने तटीय जिलों में भयंकर तबाही मचाई है। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से व्यापक बिजली कटौती हुई और सड़क यातायात बाधित हो गया। उत्तर चेन्नई के एन्नोर इलाके के वीडियो में समुद्र का पानी सड़कों पर भरता दिखाई दिया, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। विशाखापत्तनम में भी कुछ लोग समुद्र के उग्र रूप को देखने के लिए तट के पास जमा हुए, हालांकि प्रशासन ने लोगों को समुद्र से दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी है, क्योंकि खराब मौसम में तट के पास जाना जानलेवा जोखिम भरा हो सकता है।
आंध्र प्रदेश के 15 जिलों में ज्यादा कहर
तूफान और खराब मौसम के चलते हवाई यात्रा भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। प्रमुख एयरलाइंस ने कई उड़ानें रद्द कर दी हैं और यात्रियों से हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने को कहा है। आंध्र प्रदेश के 15 जिलों – बापटला, गुंटूर, कृष्णा, एनटीआर, एलुरु, पश्चिम गोदावरी, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी, अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम और पार्वतीपुरम मान्यम में अचानक बाढ़ आने की गंभीर आशंका जताई गई है। विजयवाड़ा और आसपास के इलाकों में भारी बारिश से सड़कें जलमग्न हो गई हैं, वहीं अमलापुरम में भी तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने लोगों से जरूरी काम के बिना घर से बाहर नहीं निकलने और पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
प्रशासन ने की व्यापक तैयारी
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए व्यापक तैयारियों का निर्देश दिया है। राज्य में 2,199 तूफान राहत केंद्रों की पहचान की गई है और 14 जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 12 तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 10 टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन ने 1,087 मेडिकल टीमें, 8,281 आपातकालीन बिस्तर और 1,274 एम्बुलेंस को तैयार रखा है। गर्भवती महिलाओं को एहतियातन अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। बिजली आपूर्ति बहाल करने और गिरे हुए पेड़ों को हटाने के लिए भी युद्धस्तर पर इंतजाम किए गए हैं।