टाटा समूह विवाद पर राहुल गांधी ने मोदी-शाह को घेरा, बोले- भारतीय कारोबारी खिलौना नहीं
-चेयरमैन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा ने उठाए हैं सवाल
नई दिल्ली । लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने टाटा समूह में नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टाटा समूह को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और देश के कारोबारी जगत के प्रमुख लोग इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। राहुल ने सवाल किया कि कारोबारी आखिर कब तक चुप रहेंगे और क्या वे तब बोलेंगे, जब उनके कारोबार पर कब्जा करने की कोशिश होगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और कोई भी कारोबारी नेता एक शब्द कहने की हिम्मत नहीं कर रहा। उन्होंने कारोबारियों से चुप्पी तोड़ने की अपील करते हुए कहा कि भारतीय कारोबारी कोई खिलौना नहीं हैं। उनका यह बयान टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस और उसकी सबसे बड़ी शेयरधारक टाटा ट्रस्ट्स के बीच नेतृत्व और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सामने आए मतभेदों के बीच आया है।
चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर विवाद
टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को दोबारा इस पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को लेकर विवाद गहरा गया है। टाटा संस के निदेशक मंडल की 17 सितंबर को हुई बैठक में उन्हें 21 फरवरी 2027 से अगले पांच वर्षों के लिए पुनर्नियुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। हालांकि, टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा ने इस प्रस्ताव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि फैसले में प्रक्रियागत खामियां हैं और संभावित हितों के टकराव से जुड़े पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कंपनी सचिव सुप्रकाश मुखोपाध्याय को पत्र लिखकर सात दिनों के भीतर महत्वपूर्ण दस्तावेज और संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। नोएल टाटा ने प्रस्ताव की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं।
टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी
टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है। ऐसे में चेयरमैन की पुनर्नियुक्ति को लेकर उठे सवाल समूह के नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। विवाद के केंद्र में कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की संभावना और समूह के कामकाज से जुड़े मुद्दे भी हैं।

