उत्तर गुजरात से पीएम मोदी की रु. 14,000 करोड़ की विकास सौगात

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किसानों के खातों में रु. 18 हजार करोड़ से अधिक ट्रांसफर, बनास डेयरी को मिली नई ताकत

  • पशुपालन, आधुनिक कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
  • गुजरात को नई रेल और मेट्रो सेवाओं की सौगात, 25 वर्षों की जनसेवा का उल्लेख
    बनासकांठा | उत्तर गुजरात के बनासकांठा की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रु. 14,000 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और राष्ट्र को समर्पण किया। इस अवसर पर पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के तहत देशभर के करीब 10 करोड़ किसानों के बैंक खातों में रु. 18 हजार करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को रु. 1,000 करोड़ से ज्यादा का लाभ मिला, जबकि बनासकांठा के लाखों किसान परिवारों को लगभग रु. 50 करोड़ की सहायता प्राप्त हुई।
    प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव हैं और सरकार उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से किसानों को रु. 50 लाख करोड़ से अधिक का आर्थिक लाभ और बचत हुई है। इसमें पीएम किसान सम्मान निधि, उर्वरक सब्सिडी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), फसल बीमा और पीएम कुसुम योजना का महत्वपूर्ण योगदान है।
    इस अवसर पर बनास डेयरी की नई आलू प्रसंस्करण क्षमता, यूएचटी-एएसआरएस परियोजना और भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (बीबीबीआरसी) का ई-लोकार्पण किया गया। साथ ही थराद और राधनपुर में दो नए कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भूमिपूजन हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि डेयरी, पशुपालन और आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसानों तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
    प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि और पशुपालन केवल आजीविका के साधन नहीं, बल्कि भारत की परंपरा और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। सरकार ने वैज्ञानिक खेती, बेहतर बीज, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया है। देश में अब तक 26 करोड़ से अधिक सॉयल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं तथा किसानों को लगभग 3,000 नई बीज किस्में दी गई हैं।
    बनासकांठा में स्थापित नया पशु नस्ल अनुसंधान केंद्र गिर, साहिवाल और कांकरेज जैसी देशी गायों तथा मुर्रा, जाफराबादी और मेहसाणा जैसी भैंसों की नस्लों के संरक्षण एवं सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पशुओं का बेहतर स्वास्थ्य, समय पर टीकाकरण और आईवीएफ जैसी आधुनिक तकनीक पशुपालकों की आय बढ़ाने में सहायक होगी। देश में अब तक लगभग 150 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं।
    उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। सरकार का उद्देश्य पशुपालकों को दूध के साथ गोबर और कृषि अवशेषों से भी अतिरिक्त आय उपलब्ध कराना है। बायोगैस, बायो-सीएनजी और जैविक खाद के उत्पादन से गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
    प्रधानमंत्री ने बनासकांठा के आलू उत्पादक किसानों की सराहना करते हुए कहा कि नर्मदा के पानी और ड्रिप सिंचाई ने उत्तर गुजरात की तस्वीर बदल दी है। बनास डेयरी द्वारा आलू प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने से किसानों को अपनी उपज की बेहतर खरीद और बाजार की सुविधा मिलेगी। फल एवं सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए देश में 12 नए क्लस्टर भी स्वीकृत किए गए हैं।
    प्रधानमंत्री ने गुजरात को दो नई रेल सेवाओं की सौगात दी। अहमदाबाद-वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई। इसके अलावा अहमदाबाद मेट्रो के विस्तार के तहत गिफ्ट सिटी और एयरपोर्ट को जोड़ने वाली परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। अहमदाबाद-मेहसाणा हाईवे को चार से आठ लेन में विकसित करने की योजना भी घोषित की गई। राज्यभर में 4,000 से अधिक आधुनिक आंगनवाड़ियों का लोकार्पण किया गया, जिससे लगभग चार लाख बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लाभ मिलेगा।
    प्रधानमंत्री ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहली शपथ और 7 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्षों की सेवा यात्रा पूरी होने का उल्लेख किया। उन्होंने गुजरात की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के प्रेम, सहयोग और मार्गदर्शन ने उन्हें देश की सेवा करने की शक्ति दी है।
    उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत सरकार ने किसानों पर खाद की बढ़ती कीमतों का बोझ नहीं पड़ने दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग रु. 3,000 की यूरिया की बोरी किसानों को रु. 300 से कम में और रु. 5,000 से अधिक कीमत वाली डीएपी की बोरी रु. 1,350 में उपलब्ध कराई जा रही है।
    अंत में प्रधानमंत्री ने एकता, विकास और राष्ट्र निर्माण का संदेश देते हुए 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित रन फॉर यूनिटी में देशवासियों, विशेषकर युवाओं से भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प के साथ ही विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।