नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली पुलिस के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है और पुलिस के सामने मुख्य चुनौती अपहृतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की होती है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार इस साल नवंबर तक राजधानी में अपहरण की १९ घटनाएं दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले साल इस अवधि में १४ ऐसे मामले सामने आए थे। दिल्ली पुलिस का कहना है कि अपहरण के मामलों में उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता अपहृतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की होती है। उन्होंने कहा कि हमें बारीक से बारीक चीजों के साथ बहुत सतर्कता बरतनी होती है। हमारी मुख्य चुनौती होती है कि पीड़ित को बिना किसी चोट के सुरक्षित बचा लिया जाए। हमें अपहर्ताओं की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी होती है। पुलिस के मुताबिक ऐसे मामलों में अपहृतों के परिजनों को विश्वास में लेना मुश्किल होता है।
पुलिस उपायुक्त (अपराध) जी राम गोपाल नाइक का कहना है कि पीड़ितों के माता-पिता को विश्वास में लेना अक्सर कठिन होता है। इस साल अक्टूबर में दिल्ली विश्वविद्यालय की स्नातक प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने अपने नाबालिग भाई के साथ अपने मकान मालिक के तीन साल के बेटे का कथित तौर पर अपहरण किया और ५० लाख रु फिरौती मांगी। हालांकि बच्चे को २४ घंटे के अंदर बचा लिया गया। इस मामले में छात्रा को गिरफ्तार किया गया और उसके भाई को भी पकड़ लिया गया है।
झा/देवेन्द्र/ईएमएम/१७/दिसम्बर/२०१८/

