(नई दिल्ली) पिछड़ी जातियों का पता लगाने होगा सर्वे

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रोहाणी आयोग ने मांगे 20 करोड़
नई दिल्ली (ईएमएस)। न्यायमूर्ति रोहाणी आयोग ने पिछड़ा वर्ग की पिछड़ी रह गई जातियों का वर्गीकरण करने के लिए सरकार से 20 करोड़ रुपए की मांग की है। इस राशि से घर-घर जाकर सर्वे कराने की योजना तैयार की गई है। इसमें 20 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
जस्टिस रोहाणी आयोग ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को सर्वे का प्रस्ताव सौंपा है। इसमें भारत की 2600 से अधिक पिछड़ी जातियों के बारे में जानकारी एकत्रित करनी है। इसके लिए 10 लाख से ज्यादा परिवारों का सर्वे होगा। जिला तहसील और पिछड़े वर्ग के परिवारों के जीवन स्तर से जुड़ी जानकारियां इस सर्वे में जुटाई जाएगी उल्लेखनीय है जस्टिस जी रोहाणी की अध्यक्षता में अक्टूबर 2017 में आयोग का गठन हुआ था। आयोग ने सरकार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार पिछड़े वर्ग की सही जानकारी जुटाने के लिए सर्वे आवश्यक होना बताया गया है।
एसजे/हिदायत/18दिसम्बर

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