ऋण माफी और समर्थन मूल्य बढ़ने से किसानों के चेहरे पर लौटी खुशी

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० कृषक असमंजय ने बताया कि नये साल में धूमधाम से करेंगे बेटी की शादी
बिलासपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के लिये ऋण माफी के फैसले से कृषक असमंजय घोष के चेहरे की चिंता अब दूर हो गई है। परिवार में सात बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी और खेती के लिये २० हजार रूपये के कर्जे ने श्री असमंजय की रातों की नींद छीन ली थी। लेकिन सरकार के ऋण माफी के फैसले ने उनके सारी चिंताएं दूर कर दी हैं। अब वे नए साल में धूमधाम से बेटी की शादी की तैयारियां शुरु कर रहे हैं।
ग्राम बोदरी के सेवा सहकारी समिति में धान बेचने आए श्री घोष बताते हैं कि उनके पास ५ एकड़ ६४ डिसमिल खेत है जिस पर वे धान उगाते हैं। लेकिन बड़ा परिवार होने की वजह से आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। परिवार के भरण-पोषण के अलावा ६ बेटे और १ बेटी की पढ़ाई का खर्चा भी रहता है। मेरी बेटी अंजनी बीएससी कर चुकी है। बहुत दिनों से उसकी शादी की सोच रहा था लेकिन हाथ में पैसे ना होने की वजह से दिक्कत आ रही थी। लेकिन अब सरकार के ऋणमाफी के फैसले से सारी चिंता दूर हो गई है। वे बताते हैं कि सरकार ने जो २५ सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का फैसला लयिा है, वह हम किसानों के लिये बहुत ही संतोष की बात है। पहले तो जो धान बेचकर पैसा आता था उससे कर्जा भी बड़ी मुश्किल से चुका पाते थे। बचत तो कुछ हो ही नहीं पाती थी। अब हमारी आर्थिक स्थिति पहले से और भी सुदृढ़ हो सकेगी।
बोदरी के ही एक और किसान श्री रामेश्वर बताते हैं कि उन पर जौंधरा में लगभग ५० हजार रूपये का कर्जा है। जिसे चुकाने के लिये उनके पास खेती के अलावा कोई साधन नहीं था। लेकिन सरकार के कर्ज माफी के निर्णय से बहुत राहत मिली है। श्री रामेश्वर ने इस साल लगभग ४० क्विंटल धान बेचा है। समर्थन मूल्य २५ सौ रुपये प्रति क्विंटल हो जाने से आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।
उल्लेखनीय है कि कर्ज माफी के इस निर्णय से बिलासपुर जिले के लगभग ५३ हजार किसानों के लगभग २०० करोड़ रूपये के अल्प कालीन कृषि ऋण माफ होंगे। इसके साथ ही शासन द्वारा २५ सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का भुगतान किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिससे किसानों में उत्साह का माहौल है।
मनोज
२.००
२२ दिसंबर २०१८

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