झूठों की ये दुनियां है यारों
सच कौन यहाँ कह पाएगा?
स्वार्थ में डूबा हर शख्स है
यहाँ साथ कौन निभाएगा?
दिल में नफरत पाले हैं सबने
यहाँ प्रेम कौन कर पाएगा?
धोखेबाजों की दुनियां है ये
यहाँ कौन वफ़ा दिखाएगा?
दिल में सबके जहर भरे हैं
कोई कैसे ईश्वर को पाएगा?
जब नाविक ही नाव डुबाये
तो नैया कौन पार लगाएगा?
मोह माया की ये दुनियां यारों
तू साथ यहां से क्या ले जाएगा?
अब भी वक्त है संभल जा बन्दे
वरना अंत समय क्या कर पाएगा?
प्रकाश झा प्रचंड,शिक्षक
दरभंगा,बिहार