तोहमतें लगाते हैं

बंदरिया ने अखबार 

पढ़ कर सुनाया

बंदरिया के बच्चे ने मुंह बिचकाया

रोज वहीं वहीं खबर सुनाती हो 

राजनितिक दलों को गुलाटी 

आपसी मतभेदों की कहानी सुनाती हो

मैं तो सुन सुन कर परेशान हो गई

राजनिति तो मेरे सर के पार है 

याद करना उससे भी दुश्वार है

आज इस दल में तो कल उस दल में 

घूमते रहते कुर्सियों पर उछलते रहते हैं 

खुद एक जगह टिक नहीं पाते

 तोहमतें हम पर लगाते हैं।

अर्विना गहलोत

सृजन विहार एन टी पी सी मेजा

प्रयागराज