एम्स भोपाल में सीनियर रेजिडेंट्स के लिए मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजीज (SR-MET) पर 25-26 मार्च 2025 को एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

भोपाल । एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के नेतृत्व में, सेंटर फॉर मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी (CMET), एम्स भोपाल द्वारा 25 और 26 मार्च 2025 को सीनियर रेजिडेंट्स के लिए मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजीज (SR-MET) पर एक विशेष 2-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सीनियर रेजिडेंट्स को मेडिकल शिक्षा के मूल सिद्धांतों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे वे स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्रों के शिक्षण और प्रशिक्षण में अधिक प्रभावी योगदान दे सकें।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए, प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, मेडिकल शिक्षा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल की नींव है। एसआर-एमईटी जैसे कार्यक्रम सीनियर रेजिडेंट्स को आवश्यक शिक्षण कौशल से सुसज्जित करते हैं, जिससे चिकित्सा प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता में सुधार होता है। हमारा लक्ष्य शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए एक प्रभावी और सहयोगी शिक्षण वातावरण बनाना है। उन्होंने अपने अनुभव को भी साझा करते हुए कहा कि सीनियर रेजिडेंट्स, संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्रों के परामर्श और व्यावहारिक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) बालकृष्णन एस., डीन – स्टूडेंट वेलफेयर, प्रो. (डॉ.) अश्विनी टंडन, कार्यवाहक डीन (एकेडमिक्स), प्रो. (डॉ.) वैशाली वैंडेसकर (सीएमईटी की अध्यक्ष), सीएमईटी के संकाय सदस्य और अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में कुल 57 सीनियर रेजिडेंट्स प्रतिभागी के रूप में भाग ले रहे हैं।
यह एम्स भोपाल के लिए गर्व की बात है कि वह सीनियर रेजिडेंट्स के लिए ऐसा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जो देश के कुछ ही चिकित्सा संस्थानों में आयोजित किया जाता है। एम्स भोपाल का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अनूठा और समग्र है, क्योंकि इसमें शिक्षण कौशल के अलावा संचार कौशल, प्रस्तुति कौशल, अंतरव्यक्तिगत संबंध और वैज्ञानिक शोध पत्र लेखन जैसे सत्र भी शामिल हैं। एसआर-एमईटी प्रशिक्षण कार्यक्रम एम्स भोपाल के संस्थान में चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने की सतत प्रयासों का एक अभिन्न हिस्सा है।